Health News: जिला अस्पताल में गुरुवार को दोपहर में पहुंचे मरीजों को बिना इलाज और जांच के वापस लौटना पड़ा। रामनवमी के अवकाश की वजह से ओपीडी में दोपहर 12 बजते ही ताले लग गए। इसके बाद भी कई मरीज अस्पताल में पहुंचते रहे, लेकिन स्टाफ ने उन्हें इमरजेंसी में दिखाने या शुक्रवार को आने की सलाह दी। शुक्रवार को भी अवकाश की वजह से दोपहर 12 बजे तक ही ओपीडी रहेगी।
12 बजने से पहले ही ओपीडी के दरवाजे पर ताला
जिलाअस्पताल में ओपीडी का समय सुबह आठ से दो बजे तक होता है। रविवार के दिन सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं चलती हैं। यदि किसी दिन सरकारी अवकाश होता है तो ओपीडी का समय सुबह आठ से 12 बजे तक कर दिया जाता है। शासन की ओर से गुरुवार और शुक्रवार को रामनवमी का अवकाश घोषित किया गया है। ऐसे में गुरुवार को सुबह आठ से 12 बजे तक ओपीडी का समय रहा। सुबह साढ़े 11 बजे तक पर्चे बने, इसके बाद दोपहर 12 बजने से पहले ही ओपीडी के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया गया।
कई डॉक्टरों के कक्ष में भी लगे ताले
कई डॉक्टरोंके कक्ष में भी ताले लग गए, जबकि कई मरीज परामर्श लेने के लिए रह गए। ऐसे में काफी संख्या में मरीज वापस चले गए। दोपहर 12:30 बजे तक मरीज पहुंचते रहे, तो वहां मौजूद स्टाफ ने उन्हें अगले दिन आने को कहा। मरीजों ने इस व्यवस्था पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि अस्पताल के नियमों के बारे में पहले से जानकारी नहीं दी गई, जिससे उन्हें परेशानी हुई। प्रशासन ने मरीजों से सहयोग की अपील की है। फिलहाल शुक्रवार को भी ओपीडी दोपहर 12 बजे तक ही संचालित होगी। इमरजेंसी सेवाएं 24 घंटे जारी रहेंगी।


