नासिक धर्मांतरण केस: मुख्य आरोपी निदा खान की पहली तस्वीर आई सामने, क्या खुलेंगे आईटी कंपनी के काले राज?

Maharashtra News: महाराष्ट्र के नासिक में कथित धर्मांतरण के मामले ने राज्य की राजनीति और समाज में हलचल मचा दी है। पिछले एक महीने से जारी विवाद के बीच इस केस की मुख्य कड़ी मानी जा रही निदा खान की पहली तस्वीर अब सार्वजनिक हो गई है। जांच एजेंसियों के रडार पर रही निदा की इस तस्वीर ने मामले को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। पुलिस और खुफिया विभाग अब इस नेटवर्क के फंडिंग कनेक्शन और विदेशी संपर्कों की बारीकी से जांच कर रहे हैं।

निदा खान पर लगे गंभीर आरोप और भूमिका

निदा खान नासिक स्थित टीसीएस (TCS) के बीपीओ में कार्यरत थी। वह कंपनी की आंतरिक शिकायत समिति (ICC) की सदस्य भी थी। उस पर अपनी आधिकारिक भूमिका का दुरुपयोग करने के गंभीर आरोप लगे हैं। शिकायतों के अनुसार, निदा कथित तौर पर महिला कर्मचारियों को धार्मिक विचारधारा की ओर मोड़ने का काम करती थी। पीड़ितों का दावा है कि कंपनी के भीतर उन पर लगातार धार्मिक दबाव बनाया जाता था। जब कर्मचारियों ने इसकी शिकायत करनी चाही, तो निदा ने उसे दबाने की कोशिश की।

जांच एजेंसियों को चकमा दे रही थी आरोपी

25 मार्च 2026 को नासिक की इस नामी आईटी कंपनी में धर्मांतरण का खुलासा हुआ था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसी दिन पहली एफआईआर दर्ज की थी। अब तक इस मामले में सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। निदा खान लंबे समय से फरार चल रही थी और लगातार अपनी लोकेशन बदल रही थी। पुलिस का दावा है कि वह जांच एजेंसियों को चकमा देने के लिए डिजिटल फुटप्रिंट्स मिटाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन अब उसकी पहचान पुख्ता हो गई है।

सियासी और सामाजिक संगठनों का बढ़ता दबाव

निदा खान की तस्वीर सामने आने के बाद नासिक का माहौल काफी संवेदनशील हो गया है। कई सामाजिक संगठनों ने इस पूरे मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। राजनीतिक दल भी इस मुद्दे पर आमने-सामने आ गए हैं, जिससे पुलिस पर दबाव बढ़ गया है। सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियां अब इस बात का पता लगा रही हैं कि क्या इस नेटवर्क के तार सीमा पार या अन्य राज्यों से भी जुड़े हैं। कुछ विशेषज्ञ इसे एक बड़ी साजिश का हिस्सा मान रहे हैं।

आईटी सेक्टर में सुरक्षा और नियमों पर सवाल

इस मामले ने कॉर्पोरेट जगत और आईटी सेक्टर में कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। टीसीएस जैसी प्रतिष्ठित कंपनी में आंतरिक शिकायत समिति की सदस्य द्वारा ऐसा कृत्य करना प्रबंधन की विफलता को भी दर्शाता है। पुलिस अब कंपनी के अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रही है ताकि यह समझा जा सके कि यह नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था। आने वाले दिनों में निदा खान की गिरफ्तारी और पूछताछ से इस रहस्यमयी धर्मांतरण मामले में कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

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