मिर्जापुर में रात के अंधेरे में मौत का तांडव, ट्रक ने कार-बोलेरो को रौंदा, 11 लोग जिंदा जले, हाईवे बना श्मशान

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में बुधवार की देर रात एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। वाराणसी-रीवा हाईवे पर एक अनियंत्रित ट्रक ने कई वाहनों को टक्कर मार दी। इस टक्कर में एक बोलेरो गाड़ी में तुरंत आग लग गई। आग की लपटों ने इतनी तेजी से घेरा कि सवारियां बाहर नहीं निकल सकीं। इस दर्दनाक घटना में कुल ग्यारह लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हुई है। मृतकों में ट्रक के चालक और खलासी की भी जान चली गई।

हाईवे पर पलटा कयामत का मंजर

पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने मीडिया को बताया कि अब तक ग्यारह शव बरामद किए जा चुके हैं। हादसा इतना भयानक था कि क्षतिग्रस्त वाहनों की पहचान करना भी मुश्किल हो गया। राहत और बचाव कार्य के लिए पुलिस और प्रशासन की टीमें रातभर मौके पर डटी रहीं। स्थानीय ग्रामीणों ने भी तुरंत मदद का हाथ बढ़ाया। हालांकि बोलेरो में लगी भीषण आग के कारण अंदर फंसे लोगों को बचाना नामुमकिन साबित हुआ।

पीछे से आ रहे ट्रक ने मारी जबरदस्त टक्कर

घटना ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के बड़का घुमान मोड़ के पास घटी। पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार सड़क पर एक ट्रेलर पहले से मौजूद था। उसके पीछे बोलेरो और स्विफ्ट डिजायर कार धीमी गति से चल रही थीं। तभी पीछे से तेज रफ्तार चना लदा ट्रक बेकाबू होकर आ धमका। उसने दोनों प्राइवेट वाहनों को जोरदार टक्कर मारी। यह टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गाड़ियां आगे चल रहे ट्रेलर से भिड़ गईं और घर्षण से तत्काल आग पकड़ लीं।

बोलेरो में सवार पूरा परिवार खाक

इस हृदयविदारक हादसे में बोलेरो सवार आठ लोगों की जलने से मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में दो महिलाएं और दो मासूम बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। वहीं स्विफ्ट कार का चालक भी इस अग्निकांड में जिंदा जल गया। टक्कर के बाद दोनों वाहन आग के गोले में तब्दील हो गए। चीख-पुकार के बीच किसी को भी बाहर निकलने का एक पल का भी अवसर नहीं मिल सका। ट्रक का चालक और उसका सहायक भी टक्कर के प्रभाव से गंभीर रूप से घायल होकर दम तोड़ बैठे।

वाराणसी-रीवा हाईवे पर लगा लंबा जाम

भीषण हादसे के तुरंत बाद वाराणसी-रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। दोनों ओर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं। पुलिस को जाम खुलवाने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। क्रेन की सहायता से जली हुई गाड़ियों और क्षतिग्रस्त ट्रक को सड़क से हटाया गया। इस दौरान आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजने की प्रक्रिया देर रात तक चलती रही।

शिनाख्त में जुटी पुलिस, मचा कोहराम

आग में बुरी तरह झुलस जाने के कारण शवों की पहचान करना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। पुलिस फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड की मदद से सबूत जुटा रही है। शवों की पहचान के लिए डीएनए परीक्षण का सहारा लिया जा सकता है। इधर मृतकों के परिजनों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है। अस्पताल परिसर में चीख-पुकार और कोहराम का माहौल है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी शवों की शिनाख्त कराकर परिवारों को सौंप दिया जाएगा। यह हादसा उत्तर प्रदेश की सड़कों पर बढ़ते जोखिम का एक और दर्दनाक अध्याय है।

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