Uttar Pradesh News: मेरठ जिला धीरे-धीरे अवैध हथियारों की बड़ी मंडी में तब्दील होता जा रहा है। रविवार को पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया, जो हापुड़ रोड स्थित ग्राम अल्लीपुर में कब्रिस्तान के बगल में बने एक मकान के भीतर अंडरग्राउंड फैक्ट्री चला रहा था। पुलिस की स्वाट और क्राइम ब्रांच की टीम ने जब छापा मारा, तो उन्हें एक डबल बेड के नीचे छिपा हुआ गुप्त तहखाना मिला। इस फैक्ट्री में रोजाना पिस्टल और तमंचे तैयार किए जाते थे, जिनकी सप्लाई उत्तर प्रदेश के अलावा आसपास के कई राज्यों में भी की जा रही थी।
डबल बेड के नीचे मिली हथियारों की ‘मिनी गन फैक्ट्री’
एसएसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि इस गिरोह ने गिरफ्तारी से बचने के लिए बेहद शातिराना तरीका अपनाया था। गांव के बाहर सुनसान इलाके में किराए पर लिए गए इस मकान में आरोपी अपने परिवारों के साथ रहते थे, ताकि किसी को शक न हो। पुलिस को भी पहली नजर में वहां सब कुछ सामान्य दिखा, लेकिन जब गहन तलाशी ली गई और कमरे में बिछा हुआ भारी-भरकम बेड हटाया गया, तो उसके नीचे तहखाने का दरवाजा मिला। इस गुप्त कारखाने में पिस्टल बनाने के लिए उच्च तकनीक वाले उपकरणों का इस्तेमाल हो रहा था।
32 बोर की पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद
पुलिस ने मौके से और संदिग्ध ठिकानों से छापेमारी कर 11 तस्करों को दबोच लिया है। इनके पास से .32 बोर की 8 तैयार पिस्टल, मैगजीन, अधबनी पिस्टल, बैरल, स्लाइड और शस्त्र बनाने के भारी उपकरण बरामद हुए हैं। पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह एक पिस्टल को 35 हजार से 65 हजार रुपये तक में बेचता था। मास्टरमाइंड उमर निवासी खतौली फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें मुजफ्फरनगर और मुरादाबाद में दबिश दे रही हैं।
हजारों ग्राहकों की तलाश में जुटी पुलिस की टीमें
पकड़े गए आरोपियों ने कबूल किया है कि वे अब तक हजारों की तादाद में अवैध हथियार बेच चुके हैं। पुलिस अब उन ग्राहकों की कुंडली खंगाल रही है, जिन्होंने इस गिरोह से हथियार खरीदे हैं। गिरोह के सदस्य कच्चा माल मुरादाबाद से मंगवाते थे और तैयार माल की सप्लाई बागपत, दिल्ली और हरियाणा तक की जाती थी। पुलिस ने घोसीपुर कट और हापुड़ रोड डंपिंग ग्राउंड के पास से भी गिरोह के अन्य सदस्यों को अवैध खेप के साथ गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
लोहियानगर पुलिस और स्वाट टीम को मिली बड़ी कामयाबी
इस बड़े राजफाश में लोहियानगर थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की भूमिका अहम रही। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस अवैध धंधे में महिलाएं भी शामिल थीं, जो बाहर निगरानी रखने का काम करती थीं। गिरफ्तार आरोपियों में असलम, अलाउद्दीन, अनस, शक्ति और मुनीर जैसे शातिर तस्कर शामिल हैं। एसएसपी ने पूरी टीम को इस साहसिक कार्य के लिए पुरस्कृत करने की घोषणा की है, साथ ही फरार 10 अन्य आरोपियों पर शिकंजा कसने के निर्देश दिए हैं।


