Maharashtra News: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री छगन भुजबल की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। पार्टी ने आगामी राज्यसभा उपचुनाव के लिए वरिष्ठ नेता राजेंद्र जैन को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया है। इस फैसले के बाद राज्य के सियासी गलियारों में भारी हलचल मच गई है।
टिकट कटने की खबर सामने आते ही नासिक के येवला शहर में छगन भुजबल के समर्थकों ने विरोध जताना शुरू कर दिया है। भुजबल समर्थकों ने शहर में जगह-जगह भावुक पोस्टर लगाए हैं। इन पोस्टरों पर सीधे तौर पर लिखा है कि साहब अब आप अपना अंतिम निर्णय लीजिए।
जानिए आखिर क्यों ऐन वक्त पर कटा भुजबल का टिकट
सूत्रों के मुताबिक पार्टी नेतृत्व छगन भुजबल को संसद के उच्च सदन में भेजने के लिए पूरी तरह तैयार था। हालांकि भुजबल ने सीट के बदले अपने भतीजे समीर भुजबल को राज्य सरकार के मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बनाने की बड़ी शर्त रख दी थी। इस शर्त के कारण ही पेंच पूरी तरह फंस गया।
उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस संबंध में देश की राजधानी दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से चर्चा की थी। वहां से साफ संदेश आया कि केवल एक व्यक्ति के लिए तत्काल मंत्रिमंडल विस्तार संभव नहीं है। समय की भारी कमी के कारण भुजबल का यह प्रस्ताव पूरी तरह खारिज हो गया।
राजेंद्र जैन को उम्मीदवार बनाकर पार्टी ने चौंकाया
पार्टी ने भंडारा-गोंदिया से दो बार विधान परिषद के सदस्य रहे राजेंद्र जैन को टिकट देकर सबको चौंका दिया है। यह राज्यसभा सीट उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। भुजबल को इस सीट का सबसे मजबूत और मुख्य दावेदार माना जा रहा था।
पत्रकारों से बातचीत में भुजबल ने खुले तौर पर संसद जाने की अपनी पुरानी इच्छा को स्वीकार किया था। उन्होंने कहा कि वह देश की सेवा के लिए लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में जाना चाहते हैं। उन्हें पहले भी कई बार बड़े अवसर मिले, लेकिन कभी मौका नहीं मिल पाया।
विवाद पर वरिष्ठ नेता छगन भुजबल की अनूठी सफाई
भुजबल ने भारतीय जनता पार्टी द्वारा उनका प्रस्ताव ठुकराने की खबरों का पूरी तरह खंडन किया है। उन्होंने कहा कि नामांकन दाखिल करने के लिए सिर्फ एक दिन बचा था। बीजेपी की तरफ से आश्वासन मिला है कि आगामी कैबिनेट विस्तार के समय समीर के नाम पर विचार किया जाएगा।
उन्होंने हंसते हुए कहा कि वह अपनी पार्टी के फैसलों से बिल्कुल भी नाराज नहीं हैं। वह भविष्य में उचित अवसर का इंतजार करेंगे और समय आने पर उन्हें न्याय जरूर मिलेगा। उन्होंने विरोधियों पर तंज कसते हुए कहा कि वह कबड्डी के खिलाड़ी हैं, शतरंज के नहीं।
Author: Harikarishan Sharma


