New Delhi News: इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर के एक बेहद विवादित बयान के बाद भारत में सियासी पारा चढ़ गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने इस संवेदनशील मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार की चुप्पी को लेकर तीखे सवाल खड़े किए हैं।
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच X पर जारी एक बयान में कहा कि हालिया अमेरिका-ईरान समझौते का दुनिया ने स्वागत किया है। लेकिन इस क्षेत्रीय शांति के सामने सबसे बड़ा खतरा इजरायल है। उन्होंने इजरायली मंत्री के बयान को वैश्विक सुरक्षा के लिए बेहद गंभीर और चिंताजनक बताया है।
पूरे लेबनान को राख करने की मिली थी धमकी
इजरायल के दक्षिणपंथी मंत्री इतामार बेन-ग्विर ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा था कि इजरायली माताओं के हर आंसू के बदले हजारों लेबनानी माताओं को रोना चाहिए। उन्होंने पूरे लेबनान को आग में झोंकने की बात कहते हुए सैन्य कार्रवाई तेज करने की खुली वकालत की थी।
इस खौफनाक बयान पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल के प्रति “अंधभक्ति” देश के हितों को नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे आक्रामक और भड़काऊ बयानों पर हमेशा की तरह मोदी सरकार ने पूरी तरह चुप्पी साध रखी है।
भारत के कूटनीतिक रुख पर उठे बड़े सवाल
इस पूरे मामले पर फिलहाल भारत सरकार या विदेश मंत्रालय की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। भारत पारंपरिक रूप से पश्चिम एशिया में शांति, बातचीत और कूटनीतिक समाधान का पक्षधर रहा है। लेकिन इस बार विपक्ष सरकार से स्पष्ट रुख की मांग कर रहा है।
इजरायल और लेबनान के सीमाई इलाकों में लगातार बढ़ते हमलों के बीच इस बयान ने आग में घी का काम किया है। जयराम रमेश के इस तीखे हमले के बाद भारत की पश्चिम एशिया नीति और इजरायल के साथ रिश्तों को लेकर देश में एक नई राजनीतिक बहस छिड़ गई है।
Author: Gaurav Malhotra


