Lifestyle News: भारतीय संस्कृति की अनमोल धरोहर ‘योग’ आज वैश्विक स्तर पर एक सेहतमंद जीवनशैली का सबसे बड़ा आधार बन चुका है। शारीरिक तंदुरुस्ती से लेकर मानसिक शांति तक, योग के चमत्कारी फायदों को अब पूरी दुनिया अपना रही है। हर साल की तरह इस बार भी 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पूरे देश में एक बड़े उत्सव के रूप में मनाया जाएगा।
इस साल भारत अपना 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने जा रहा है। देश की भागदौड़ भरी जिंदगी में बढ़ते मानसिक तनाव और बीमारियों को दूर करने के लिए योग सबसे सरल माध्यम बनकर उभरा है। इस विशेष दिन पर देश के कोने-कोने में भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसकी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
जानिए क्या है इस बार की विशेष थीम
साल 2026 में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम ‘स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग’ (Yoga for Healthy Aging) रखी गई है। इस खास विषय का मुख्य उद्देश्य समाज को यह संदेश देना है कि योग किसी उम्र का मोहताज नहीं है। बढ़ती उम्र में भी योग के जरिए शरीर को मजबूत, एक्टिव और मानसिक रूप से संतुलित रखा जा सकता है।
इस वर्ष योग दिवस का मुख्य राष्ट्रीय कार्यक्रम पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित ब्रिगेड ग्राउंड में आयोजित होने जा रहा है। यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह 6:00 बजे हजारों लोगों के साथ योग सत्र की शुरुआत करेंगे। इसके बाद सुबह 7:00 बजे से 7:45 बजे तक पूरे देश में कॉमन योगा प्रोटोकॉल के तहत सामूहिक योगाभ्यास किया जाएगा।
ऐतिहासिक धरोहरों पर सजेगा योग का मंच
इस बार देश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों को भी योग दिवस के रंग में रंगा जा रहा है। दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले से लेकर हरिद्वार की पावन हर की पौड़ी, ओडिशा के कोणार्क सूर्य मंदिर, मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया और बिहार के प्राचीन नालंदा महाविहार जैसे प्रतिष्ठित स्थलों पर विशेष योग सत्र आयोजित होंगे।
इन अनूठे आयोजनों के माध्यम से भारत की प्राचीन स्वास्थ्य परंपरा और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को एक साथ वैश्विक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, उत्तराखंड के ऋषिकेश में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने वाले विशेष सत्र होंगे, जबकि कर्नाटक के मैसूरु में पारंपरिक योग पद्धतियों पर मुख्य फोकस रहेगा।
Author: Karuna Sen


