भारत की पहली डिजिटल जनगणना: 33 सवाल और आपके मोबाइल से तय होगा भविष्य, जानें पूरी प्रक्रिया

India News: देश की बहुप्रतीक्षित जनगणना का आगाज आज 1 अप्रैल से हो गया है। कोरोना महामारी के कारण सालों तक रुकी रही यह प्रक्रिया अब पूरी तरह डिजिटल अवतार में आपके सामने है। सरकार ने इस बार ‘मकान सूचीकरण और आवास गणना’ (HLO) के लिए 33 सवालों की एक सूची तैयार की है, जिसका जवाब अब नागरिक अपने मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए खुद भी दे सकेंगे। 30 सितंबर तक चलने वाले इस पहले चरण में आपके घर की बनावट से लेकर आपके पास मौजूद साइकिल-कार तक का हिसाब किताब लिया जाएगा।

पहली बार घर बैठे ‘सेल्फ-एन्युमरेशन’ की सुविधा

इस बार की जनगणना की सबसे बड़ी ताकत इसकी तकनीक है। लोग अब जनगणना अधिकारी के घर आने का इंतजार किए बिना खुद अपनी जानकारी वेब-पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं। यह विकल्प घर-घर सर्वे शुरू होने से ठीक 15 दिन पहले उपलब्ध कराया जाएगा। पोर्टल पर 16 अलग-अलग भाषाओं में जानकारी भरने की सुविधा दी गई है। खुद जानकारी भरने से न केवल समय बचेगा, बल्कि आंकड़ों की सटीकता भी बढ़ेगी।

इन 33 सवालों में क्या-क्या पूछेगा प्रशासन?

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणनाकर्मी आपके घर की स्थिति, फर्श, दीवार और छत में इस्तेमाल की गई सामग्री की जांच करेंगे। इसके अलावा, घर में रहने वाले सदस्यों की संख्या, मुखिया का विवरण, अनुसूचित जाति/जनजाति की जानकारी, कमरों की संख्या और घर में कितने विवाहित जोड़े हैं, इसका पूरा डेटा लिया जाएगा। सुविधाओं की बात करें तो पीने के पानी का स्रोत, बिजली, शौचालय, ड्रेनेज सिस्टम और रसोई के ईंधन (LPG/PNG) की जानकारी देना भी अनिवार्य होगा।

सम्पत्तियों और अनाज की भी होगी गिनती

आधुनिक जीवनशैली को समझने के लिए सरकार आपसे संपत्तियों का विवरण भी मांगेगी। इसमें रेडियो, टीवी, इंटरनेट, लैपटॉप, स्मार्टफोन और वाहनों (साइकिल से लेकर कार तक) की जानकारी शामिल है। खास बात यह है कि इस बार परिवार द्वारा मुख्य रूप से खाए जाने वाले अनाज का डेटा भी एकत्र किया जा रहा है। संचार के लिए एक मोबाइल नंबर भी रिकॉर्ड में लिया जाएगा, ताकि भविष्य में संपर्क साधा जा सके।

कैसे करें खुद का पंजीकरण? स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

  • सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल https://se.census.gov.in पर जाएं।
  • अपने मोबाइल नंबर के जरिए पोर्टल पर लॉग-इन करें।
  • डिजिटल मैप पर अपने घर का सही स्थान (Location) चिन्हित करें।
  • परिवार और मकान से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियां पोर्टल पर भरें।
  • सबमिट करने के बाद आपको 16 अंकों की एक ‘सेल्फ एन्युमरेशन आईडी’ (SE ID) मिलेगी।
  • जब जनगणना अधिकारी आपके घर आए, तो उसे यह आईडी दिखा दें। अधिकारी केवल जानकारी का सत्यापन करेगा।

गोपनीयता का सख्त पहरा और सुरक्षा

यह स्वतंत्रता के बाद की 8वीं जनगणना है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि आपके द्वारा साझा किया गया व्यक्तिगत डेटा पूरी तरह गोपनीय रहेगा। इस डेटा का इस्तेमाल किसी भी अदालती कार्रवाई या सरकारी लाभ के सत्यापन के लिए नहीं किया जा सकेगा। इसे सूचना के अधिकार (RTI) के दायरे से भी बाहर रखा गया है। गृह मंत्रालय की देखरेख में राज्य सरकारें इस पूरी प्रक्रिया को संपन्न कराएंगी।

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