INDIA गठबंधन में बड़ी दरार! तमिलनाडु में कांग्रेस और DMK आमने-सामने, ममता के बदले सुरों ने बढ़ाई हलचल

Tamil Nadu News: पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणामों ने देश की राजनीति में बड़ा उलटफेर कर दिया है। इन नतीजों के बाद विपक्षी दलों के ‘INDIA’ गठबंधन की एकता खतरे में पड़ती नजर आ रही है। तमिलनाडु के परिणाम सबसे ज्यादा चौंकाने वाले रहे, जहाँ किसी भी दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिला। सुपरस्टार विजय की नई पार्टी TVK ने 108 सीटें जीतकर सबको हैरान कर दिया। इस बीच, कांग्रेस द्वारा सत्तारूढ़ DMK का साथ छोड़कर TVK के पाले में जाने से गठबंधन में बड़ी दरार आ गई है।

DMK का कांग्रेस पर विश्वासघात का आरोप

तमिलनाडु में कांग्रेस और DMK ने मिलकर चुनाव लड़ा था, लेकिन नतीजे आते ही समीकरण बदल गए। मात्र 5 सीटें जीतने वाली कांग्रेस अब अभिनेता विजय की पार्टी के साथ खड़ी हो गई है। इस फैसले से DMK नेतृत्व बुरी तरह भड़क गया है। DMK के वरिष्ठ नेता TKS एलंगोवन ने तल्ख लहजे में कहा कि INDIA गठबंधन अब खत्म हो चुका है। उन्होंने कांग्रेस पर अपने सबसे पुराने और भरोसेमंद सहयोगी की पीठ में छुरा घोंपने का गंभीर आरोप लगाया है।

कांग्रेस का पलटवार: हार स्वीकार करे DMK

DMK के हमलों पर कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि विश्वासघात के आरोप पूरी तरह से निराधार और दुर्भाग्यपूर्ण हैं। टैगोर के अनुसार, तमिलनाडु की जनता ने DMK के शासन के खिलाफ वोट दिया है, जिसका नुकसान कांग्रेस को भी उठाना पड़ा। उन्होंने सलाह दी कि DMK को अपनी हार शालीनता से स्वीकार कर लेनी चाहिए। टैगोर ने स्पष्ट किया कि जनादेश बदलाव और अभिनेता विजय की नई सरकार के गठन के पक्ष में है।

बंगाल में ममता बनर्जी की करारी शिकस्त

तमिलनाडु की तरह पश्चिम बंगाल के चुनाव नतीजे भी अप्रत्याशित रहे। यहाँ ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) को ऐतिहासिक हार का सामना करना पड़ा है। खुद ममता बनर्जी भी अपनी सीट नहीं बचा सकीं। हालांकि, इस हार के बीच राहुल गांधी ने ममता का बचाव किया है। राहुल गांधी का आरोप है कि बीजेपी ने चुनाव आयोग की मदद से जनादेश चुराया है। उन्होंने दावा किया कि बंगाल में कम से कम 100 सीटों पर हेरफेर की गई है।

ममता के बदले सुर: अब गठबंधन को करेंगी मजबूत

बंगाल की सत्ता गंवाने के बाद ममता बनर्जी के सुर पूरी तरह बदल गए हैं। हार के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बार-बार INDIA गठबंधन का जिक्र किया। ममता ने कहा कि अब उनके पास कोई कुर्सी नहीं है, इसलिए वह एक आम नागरिक की तरह गठबंधन को मजबूत करने का काम करेंगी। उन्होंने सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अरविंद केजरीवाल समेत कई नेताओं से फोन पर हुई बातचीत का हवाला देते हुए एकजुटता का दावा किया।

विपक्षी एकता के सामने खड़ी नई चुनौतियां

चुनाव परिणामों ने साबित कर दिया है कि विपक्षी दलों के बीच आपसी मनमुटाव का सीधा फायदा बीजेपी को मिल रहा है। बंगाल में टीएमसी की हार के साथ ही बीजेपी पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आई है। हालांकि ममता बनर्जी अब गठबंधन की वकालत कर रही हैं, लेकिन जमीनी हकीकत अलग है। अधिकांश राज्यों में घटक दल एक-दूसरे के खिलाफ ही चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में देखना होगा कि यह गठबंधन भविष्य की राजनीति में कितना टिक पाता है।

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