IGI या जेवर: दिल्ली-NCR में अब दो एयरपोर्ट, आपके लिए कौन सा है बेहतर?

Delhi Airport News: दिल्ली-एनसीआर में हवाई यात्रा करने वालों के लिए एक बड़ा बदलाव आ गया है। अब इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (आईजीआई) के साथ नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (जेवर) भी जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च 2026 को इसका उद्घाटन किया। सवाल यह है कि इन दोनों में से बेहतर कौन है? यह पूरी तरह आपकी लोकेशन, बजट और जरूरत पर निर्भर करता है।

लोकेशन और दूरी: कहां से कौन सा एयरपोर्ट आसान?

सेंट्रल दिल्ली(कनॉट प्लेस) से आईजीआई 15-20 किमी दूर है और ट्रैफिक के आधार पर 30-60 मिनट में पहुंचा जा सकता है। वहीं जेवर एयरपोर्ट 70-100 किमी दूर है और यमुना एक्सप्रेसवे से 1.5-2.5 घंटे का समय लगता है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा से जेवर 40-68 किमी की दूरी पर है और 30-60 मिनट में पहुंचा जा सकता है। गुरुग्राम से आईजीआई 10-20 किमी और 20-45 मिनट में पहुंच जाता है। साफ है कि सेंट्रल दिल्ली, साउथ दिल्ली और गुरुग्राम वालों के लिए अभी आईजीआई बेहतर है, जबकि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश वालों के लिए जेवर फायदेमंद होगा।

ट्रैवल टाइम और किराया: कौन सस्ता और तेज?

आईजीआई तक पहुंचनेमें दिल्ली-एनसीआर के ज्यादातर हिस्सों से 30-90 मिनट लगते हैं। एयरपोर्ट एक्सप्रेस मेट्रो से सीधा कनेक्शन है। जेवर के लिए अभी एक्सप्रेसवे पर निर्भर रहना होगा। किराये की बात करें तो आईजीआई के लिए कैब 300-800 रुपये और मेट्रो 100-200 रुपये में मिल जाती है। जेवर के लिए कैब 800-2,000 रुपये तक खर्च हो सकती है। हालांकि जेवर में एविएशन फ्यूल पर वैट सिर्फ 1 फीसदी (आईजीआई में 25 फीसदी) है, जिससे फ्लाइट टिकट 10-20 फीसदी सस्ते हो सकते हैं।

क्षमता और भविष्य की योजनाएं

आईजीआई कीवर्तमान यात्री क्षमता 10.5 करोड़ प्रति वर्ष है। जेवर के पहले चरण में 1.2 करोड़ यात्रियों की क्षमता है, जो पूरी तरह विकसित होने पर 7 करोड़ तक पहुंच जाएगी। जेवर में 5-6 रनवे बनाने की योजना है। भविष्य में आरआरटीएस, हाई-स्पीड रेल और मेट्रो से जेवर की कनेक्टिविटी और बेहतर हो जाएगी। 2027 तक दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का 31 किमी लिंक पूरा होने से जेवर की दूरी 30-40 फीसदी कम हो जाएगी।

अंतिम फैसला: किसे चुनना चाहिए?

आज(2026) के समय में आईजीआई बेहतर है क्योंकि इसमें कनेक्टिविटी, फ्लाइट ऑप्शंस और सुविधाएं ज्यादा हैं। जेवर अभी नया है, फ्लाइट्स कम हैं। लेकिन 2030 के बाद जेवर भारत का सबसे बड़ा और आधुनिक एयरपोर्ट बन सकता है। स्मार्ट चॉइस के लिए अपनी लोकेशन देखें: दिल्ली और गुरुग्राम से आईजीआई, नोएडा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जेवर ज्यादा सुविधाजनक रहेगा। दोनों एयरपोर्ट एक-दूसरे के पूरक हैं और मिलकर एनसीआर को विश्वस्तरीय एविएशन हब बनाएंगे।

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