Himachal News: हिमाचल प्रदेश में नगर निकाय चुनावों की हलचल बहुत तेज हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने एक बड़ा फैसला लिया है। शिमला को छोड़कर सभी नगर निकायों के लिए नए निर्देश जारी हुए हैं। आयोग ने 31 मार्च तक आरक्षण रोस्टर जारी करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट के कड़े आदेश के बाद यह सख्त कदम उठाया गया है। निर्वाचन आयोग ने सभी उपायुक्तों को नया शेड्यूल भेज दिया है।
न्यायालय के दखल के बाद जागा प्रशासन
आयोग ने 24 मई 2025 को भी ऐसे ही निर्देश दिए थे। तब 73 शहरी निकायों में परिसीमन और आरक्षण रोस्टर जारी होना था। इसके लिए 11 जुलाई 2025 की अंतिम तारीख तय की गई थी। लेकिन जिलों ने तय समय पर आरक्षण रोस्टर जारी नहीं किया। इसके बाद चुनाव का यह अहम मामला न्यायालय के दरवाजे तक पहुंच गया।
उपायुक्त जारी करेंगे तीन दिन का नोटिस
अब सर्वोच्च न्यायालय ने 31 मार्च 2026 तक पूरी प्रक्रिया खत्म करने के निर्देश दिए हैं। उपायुक्तों को तीन दिन का क्लियर नोटिस जारी करना होगा। इस नोटिस में लाटरी निकालने की तारीख, जगह और समय की पूरी जानकारी होगी। पिछला कार्यक्रम आठ महीने पुराना हो चुका है। इसलिए निर्वाचन आयोग ने इस पूरी प्रक्रिया के लिए नया प्रोग्राम जारी करना जरूरी समझा है।
मंडी में एसडीएम को मिली बड़ी जिम्मेदारी
मंडी जिले में भी चुनावी तैयारियां तेज हो गई हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी अपूर्व देवगन ने सभी एसडीएम को अहम जिम्मेदारी दी है। एसडीएम को पंचायत समिति चुनाव के लिए निर्वाचन अधिकारी बनाया गया है। वहीं जिला परिषद चुनाव के लिए वे सहायक निर्वाचन अधिकारी का काम करेंगे।
चुनाव प्रक्रिया के लिए मिले विशेष अधिकार
उपायुक्त ने एसडीएम को चुनाव प्रक्रिया सुचारू रूप से चलाने के लिए पूरे अधिकार सौंप दिए हैं। अब अधिकारी मतदान कर्मचारियों और पीठासीन अधिकारियों की नियुक्ति खुद कर सकेंगे। वे जिला परिषद चुनाव के लिए नामांकन पत्र भी प्राप्त करेंगे। इसके बाद वे नामांकन पत्रों की जांच करके उम्मीदवारों की अंतिम सूची तैयार करेंगे।


