Himachal News: हिमाचल प्रदेश की सरकार ने गरीबी रेखा से नीचे (BPL) रहने वाले परिवारों के लिए एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। ग्रामीण विकास विभाग ने बीपीएल सूची में नाम दर्ज कराने के नियमों में अहम बदलाव किया है। नए नियम के तहत अब मनरेगा में काम करने वाले मजदूरों को सीधा फायदा मिलेगा। सरकार ने बीपीएल चयन की प्रक्रिया को पहले से ज्यादा पारदर्शी और न्यायसंगत बना दिया है।
मनरेगा मजदूरों को मिलेगी बड़ी प्राथमिकता
सरकार की नई अधिसूचना के मुताबिक बीपीएल परिवारों के चयन में अब नया नियम लागू होगा। इस नियम के तहत उन परिवारों को सबसे पहले चुना जाएगा, जिनके सभी वयस्क सदस्यों ने मनरेगा में काम किया हो। इसके लिए पिछले वित्तीय वर्ष में कम से कम 20 दिन का रोजगार पूरा करना अनिवार्य है। बीपीएल चयन के छठे चरण को निष्पक्ष बनाने के लिए यह बड़ा कदम उठाया गया है।
ग्रामीण विकास विभाग ने जारी किए सख्त निर्देश
यह महत्वपूर्ण आदेश ग्रामीण विकास विभाग के सचिव अमरजीत सिंह ने जारी किया है। उन्होंने विभाग के निदेशक को पुराने नियमों की जगह इस नए कार्य-आधारित मानक को लागू करने को कहा है। सरकार अब योजनाओं का सीधा लाभ देने के लिए लोगों की श्रम भागीदारी को सबसे अहम मान रही है।
आवेदन करने की अंतिम तारीख और प्रक्रिया
बीपीएल सूची में शामिल होने के लिए आप आसानी से आवेदन कर सकते हैं। सरकार ने इसके लिए एक स्पष्ट प्रक्रिया तय की है:
- जो परिवार इस श्रेणी में आना चाहते हैं, वे 31 मार्च तक अपना नया आवेदन जमा कर सकते हैं।
- पहले चरण से लेकर पांचवें चरण तक के सभी आवेदनों पर नए नियमों के तहत ही विचार होगा।
- आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद खंडस्तरीय समितियां पंचायत के अनुसार सूचियों की छंटनी करेंगी।
- अंतिम बीपीएल सूची का प्रकाशन चार अप्रैल 2026 तक हर हाल में कर दिया जाएगा।
चौथी बार बदले गए मनरेगा के नियम
मनरेगा कामगारों के लिए सरकार ने पात्रता शर्तों में यह चौथी बार बदलाव किया है। बीपीएल सूची के लिए मनरेगा में काम करने की शर्त को लगातार घटाया गया है:
- पहले चरण में 100 दिन काम करने की शर्त रखी गई थी।
- इसके बाद सरकार ने इसे घटाकर 80 दिन कर दिया।
- फिर सरकार ने राहत देते हुए इसे 50 दिन तक कम किया।
- अब छठे चरण में इसे महज 20 दिन कर दिया गया है।
परागपुर के खंड विकास अधिकारी अशोक कुमार ने इस नए नियम को लागू करने के लिए सभी पंचायत सचिवों को सख्त निर्देश दिए हैं। पंचायत सचिवों को गांव-गांव जाकर लोगों को इस नए पात्रता नियम की पूरी जानकारी देनी होगी।


