Patna News: बिहार की सियासत में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बहुत बड़ा घमासान छिड़ गया है। नीतीश सरकार द्वारा सुरक्षा घेरे में कटौती किए जाने के विरोध में पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी ने कड़ा कदम उठाया है। उन्होंने अपने सरकारी आवास पर तैनात सभी सुरक्षाकर्मियों को बैरक वापस लौटा दिया है।
आरजेडी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने इस पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि की है। लालू प्रसाद यादव के कड़े निर्देश के बाद सभी जवान आवास खाली कर चले गए हैं। इस वक्त राबड़ी आवास के मुख्य द्वार से भी सारा पहरा पूरी तरह हट चुका है। इस फैसले से राजनीतिक हलचल बढ़ गई है।
लालू-राबड़ी परिवार की सुरक्षा में की गई भारी कटौती
बिहार गृह विभाग के नए आदेश के अनुसार राज्य सरकार ने सुरक्षा समीक्षा के बाद यह कदम उठाया है। इस फैसले के तहत नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को छोड़कर परिवार के सभी सदस्यों की सुरक्षा घटाई गई है। तेजस्वी यादव को पहले की तरह ‘Y+’ कैटेगरी की सुरक्षा मिलती रहेगी।
तेजस्वी यादव के सुरक्षा घेरे में एक से चार हाउस गार्ड, छह अंगरक्षक और एस्कॉर्ट पार्टी शामिल रहेगी। सरकार ने तेज प्रताप यादव की सुरक्षा को लगभग खत्म करते हुए अब मात्र एक अंगरक्षक दिया है। वहीं सांसद मीसा भारती को केवल तीन सुरक्षाकर्मी ही आवंटित किए गए हैं।
तेजस्वी यादव की पत्नी राजश्री यादव की सुरक्षा में भी अब सिर्फ एक सुरक्षाकर्मी तैनात रहेगा। सबसे बड़ा बदलाव लालू प्रसाद और राबड़ी देवी की सुरक्षा में हुआ है। बिहार सरकार ने दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों को दी गई ‘Z+’ श्रेणी की सुरक्षा को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है।
विशेष सुरक्षा अधिनियम के तहत वैकल्पिक व्यवस्था लागू
बिहार सरकार ने ‘Z+’ सुरक्षा हटाने के बाद उन्हें विशेष सुरक्षा दल अधिनियम २०१० के तहत वैकल्पिक सुरक्षा दी है। नई व्यवस्था के तहत लालू प्रसाद यादव को बीएसएपी के दो से आठ हाउस गार्ड, दो अंगरक्षक, पायलट और बुलेटप्रूफ कार के साथ एस्कॉर्ट की सुविधा मिलेगी।
पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को दो से आठ हाउस गार्ड और छह अंगरक्षक दिए गए हैं। इनमें तीन महिला और तीन वर्दीधारी जवान शामिल हैं। इसके साथ ही उन्हें पायलट-एस्कॉर्ट के साथ बुलेटप्रूफ कार आवंटित की गई है। इस नई व्यवस्था का लालू परिवार विरोध कर रहा है।
सुरक्षा जिनके लिए स्टेटस सिंबल है वे चिंता करें
इस पूरे सुरक्षा विवाद पर जनसुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने तीखा तंज कसा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जिन्हें सुरक्षा की राजनीति करनी है, वे इस लड़ाई में पड़ें। जनसुराज के लोगों को किसी भी तरह की सरकारी सुरक्षा की कोई आवश्यकता नहीं है।
प्रशांत किशोर ने कहा कि हम सुरक्षा के चक्कर में नहीं रहते कि कितने गार्ड हमारे साथ हैं। जिनके लिए सुरक्षा एक ‘स्टेटस सिंबल’ है, यह उनकी चिंता है कि सुरक्षा घट रही है या बढ़ रही है। हम लोग पहले भी बिहार के गांवों में अकेले पैदल चल रहे थे।
उन्होंने आगे कहा कि आज भी हमारे साथ जनता का हुजूम और उनका पूरा भरोसा है। हमें किसी सरकारी सुरक्षा बैरिकेड की बिल्कुल जरूरत नहीं है। जिनकी सुरक्षा हटाई या बढ़ाई गई है, यह सिरदर्द उनका है और इस पर टिप्पणी भी उन्हीं नेताओं को करने दीजिए।
Author: Harikarishan Sharma


