India News: 1 अप्रैल से सोने और चांदी में निवेश करने के नियम बदल रहे हैं। नए नियमों से कीमत तय करने का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा। साथ ही, टैक्स नियमों में भी बड़ा बदलाव होगा। इसका असर आपके निवेश की वैल्यू, टैक्स प्लानिंग और लोन लेने की क्षमता पर पड़ेगा। आइए, विस्तार से समझते हैं।
अब ‘देसी’ भाव से तय होगी सोने-चांदी की कीमत
अब तक गोल्ड और सिल्वर ETF (Exchange Traded Funds) की कीमतें अंतरराष्ट्रीय मानक (LBMA) पर आधारित थीं। सेबी (SEBI) के नए नियम 1 अप्रैल से लागू होंगे। इन नियमों के तहत अब इनकी वैल्यू भारतीय एक्सचेंजों के ‘डोमेस्टिक स्पॉट प्राइस’ यानी घरेलू हाजिर भाव पर तय होगी।
निवेशकों को इसका बड़ा फायदा मिलेगा। उन्हें भारतीय बाजार की असली कीमत का पता चलेगा। अंतरराष्ट्रीय कीमतों और करेंसी के उतार-चढ़ाव का असर अब कम होगा।
डिजिटल गोल्ड और SGB पर टैक्स का नया गणित
जो लोग फिजिकल गोल्ड की जगह डिजिटल गोल्ड या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) में निवेश करते हैं, उनके लिए यह खबर जरूरी है। सरकार ने डिजिटल निवेश के फायदों को टैक्स के दायरे में लाने की तैयारी कर ली है।
अब एसजीबी (SGB) पर भी कैपिटल गेन टैक्स देना होगा। हालांकि, राहत की बात यह है कि यह नियम सब पर एक जैसा नहीं लागू होगा।
किसे मिलेगी टैक्स से छूट और किसे लगेगा झटका?
जिन निवेशकों ने बॉन्ड जारी होने के समय से ही उसे होल्ड किया है, उन्हें टैक्स छूट मिलती रहेगी। यह नियम मुख्य रूप से उन लोगों पर लागू होगा, जिन्होंने सेकेंडरी मार्केट से बॉन्ड खरीदा है।
शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन के आधार पर टैक्स वसूला जाएगा। यह नियम बिल्कुल वैसा ही है, जैसा फिलहाल गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ (ETF) पर लागू होता है।
आपके शहर में क्या हैं सोने-चांदी के भाव?
आज बाजार बंद होने के कारण कीमतों में कोई बदलाव नहीं आया है। कल के पुराने रेट्स पर ही कारोबार टिका है। देश के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोना 1.45 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच चुका है।
भोपाल और इंदौर में 24 कैरेट सोना सबसे महंगा है। यहां कीमत ₹1,45,410 प्रति 10 ग्राम है। वहीं, चांदी ₹2.29 लाख प्रति किलो के करीब बनी हुई है।
कैरेट के हिसाब से जानें अलग-अलग शहरों के रेट
लखनऊ और कानपुर में 22 कैरेट सोने की कीमत ₹1.33 लाख के आसपास है। 18 कैरेट सोना ₹1.09 लाख के करीब मिल रहा है। रायपुर और पटना में कीमतें अन्य महानगरों के मुकाबले थोड़ी कम हैं।
1 अप्रैल से लागू होने वाले नए टैक्स नियम निवेशकों की रणनीति बदल सकते हैं। खासकर उन लोगों के लिए, जो शॉर्ट टर्म मुनाफे के लिए डिजिटल गोल्ड का सहारा लेते हैं।


