किसान के बेटे ने हासिल की अमेजन में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की नौकरी, इमोशनल वीडियो देख कंपनी ने पिता को भेजा खास तोहफा

Karnataka News: बेंगलुरु के एक साधारण किसान परिवार के बेटे शैलेंद्र यादव ने अपनी कड़ी मेहनत से दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी अमेजन में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंजीनियर की नौकरी हासिल की है। इस बड़ी कामयाबी से उन्होंने अपने पूरे परिवार का नाम रोशन किया है। शैलेंद्र की यह प्रेरक कहानी आज देश के लाखों युवाओं को आगे बढ़ने का हौसला दे रही है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पिता का भावुक वीडियो

शैलेंद्र ने कुछ समय पहले इंटरनेट पर एक बेहद भावुक वीडियो साझा किया था। इस वीडियो में वह अपने पिता को अचानक अमेजन का जॉब ऑफर लेटर दिखाते हैं। बेटे की इस ऐतिहासिक सफलता को देखकर पिता की आंखें खुशी से नम हो जाती हैं। सालों के संघर्ष की सफलता का यह खूबसूरत पल देखते ही देखते सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो गया था।

अमेजन कंपनी ने पिता के संघर्ष को किया सलाम

इस दिल छू लेने वाले वीडियो ने दिग्गज टेक कंपनी अमेजन का ध्यान भी अपनी ओर खींचा। कंपनी प्रबंधन ने शैलेंद्र की इस बड़ी उपलब्धि के पीछे छिपे उनके पिता के अतुलनीय योगदान को सम्मानित करने का एक बड़ा फैसला लिया। इसके बाद कंपनी ने शैलेंद्र के घर एक बेहद खास और खूबसूरत सरप्राइज गिफ्ट हैम्पर भेजा।

हैम्पर खोलते ही खिल उठा किसान पिता का चेहरा

जब गर्व से भरे पिता ने कंपनी का यह विशेष पैकेज खोला तो उनके चेहरे पर अनोखी मुस्कान बिखर गई। इस खूबसूरत हैम्पर में एक ब्रांडेड टी-शर्ट, ‘Dad’ लिखी हुई खास कैप, एक मग, पेन, चॉकलेट और एक छोटा पौधा शामिल था। इसके साथ ही कंपनी ने एक बेहद भावुक और सम्मानजनक संदेश भी भेजा था।

कंपनी ने अपने संदेश में पिता के अटूट विश्वास और निरंतर सहयोग को ही इस सफलता की असली और मजबूत नींव बताया। शैलेंद्र अपने परिवार के पहले ऐसे सदस्य हैं जिन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की है। आर्थिक रूप से बेहद कमजोर होने के बावजूद उनके पिता ने कभी उनके हौसलों को टूटने नहीं दिया।

बेटे की उच्च शिक्षा के लिए पिता ने किए कई काम

शैलेंद्र का यह शानदार सफर बिल्कुल आसान नहीं था। एक साधारण किसान परिवार से आने के कारण उनके सामने हमेशा बड़ी आर्थिक चुनौतियां खड़ी रहती थीं। बेटे को उच्च शिक्षा दिलाने के लिए उनके संघर्षशील पिता ने पारंपरिक खेती करने के साथ-साथ कई अन्य छोटे-मोटे काम भी किए और हर जरूरत को पूरा किया।

सीमित संसाधनों के बाद भी उन्होंने कभी अपने होनहार बेटे के बड़े सपनों को छोटा नहीं होने दिया। शैलेंद्र ने इस खास पल को शेयर करते हुए लिखा कि हर मुश्किल दौर, हर त्याग और हर खामोश दुआ में उनके पिता बराबर के हकदार रहे हैं। यह सफलता उन सभी माता-पिता को समर्पित है जो बच्चों के लिए संघर्ष करते हैं।

Author: Rashmi Sharma

Hot this week

Shimla Secretariat News: नए सीएम कार्यालय के लिए सचिवालय में बड़ा बदलाव, अस्थायी दफ्तर से चलेगा कामकाज

Shimla News: हिमाचल प्रदेश सचिवालय में मुख्यमंत्री कार्यालय के...

Related Articles

Popular Categories