Chhattisgarh News: बेमेतरा से भारतीय जनता पार्टी के विधायक दीपेश साहू ने सादगी की एक अनोखी मिसाल पेश की है। उन्होंने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित एक सामूहिक विवाह समारोह में शादी रचाई। विधायक ने बीपीएल परिवार से आने वाली तरुणा साहू के साथ सात फेरे लिए, जिसकी चर्चा चारों तरफ हो रही है।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव बने बैलगाड़ी के सारथी
इस ऐतिहासिक विवाह समारोह में छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव खुद सारथी की भूमिका में नजर आए। वे राजधानी रायपुर से खास तौर पर बेमेतरा पहुंचे। डिप्टी सीएम ने खुद बैलगाड़ी चलाई, जिस पर दूल्हा बनकर बीजेपी विधायक दीपेश साहू बैठे थे। पारंपरिक परी डांस ने बारात का उत्साह दोगुना कर दिया।
फिजूलखर्ची रोकने के लिए दिया सादगी का संदेश
विधायक दीपेश साहू ने बताया कि इस सादगीपूर्ण विवाह के पीछे उनका मुख्य उद्देश्य समाज को एक सकारात्मक संदेश देना है। आजकल शादियों में फिजूलखर्ची और दिखावा बहुत बढ़ गया है। इससे गरीब परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता है। सामूहिक विवाह जैसी योजनाएं सामाजिक समरसता और बचत का बेहतरीन माध्यम हैं।
योजना से मिलने वाली राशि छात्राओं की शिक्षा पर होगी खर्च
विधायक ने एक और सराहनीय घोषणा करते हुए जनता का दिल जीत लिया। सामूहिक विवाह योजना के तहत सरकार की तरफ से मिलने वाली वित्तीय सहायता राशि वे अपने पास नहीं रखेंगे। दीपेश साहू इस पूरी रकम को क्षेत्र की मेधावी और जरूरतमंद छात्राओं की उच्च शिक्षा पर खर्च करेंगे।
इस बड़े आयोजन में कुल 12 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। सभी दूल्हे ई-रिक्शा में सवार होकर सर्किट हाउस पहुंचे। वहां से सभी की बारात एक साथ बैलगाड़ी पर निकाली गई। इस सादगी भरे पारंपरिक अंदाज को देखने के लिए शहर में भारी संख्या में स्थानीय लोग जुटे थे।
शिक्षक की नौकरी छोड़ पहली बार बने हैं विधायक
विधायक दीपेश साहू का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। वे राजनीति में आने से पहले करीब 10 साल तक सरकारी स्कूल में शिक्षक थे। इसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी और भाजपा में सक्रिय हुए। वे पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिलाध्यक्ष भी रहे। वे पहली बार बेमेतरा से विधायक चुने गए हैं।
एक साधारण ड्राइवर की पढ़ी-लिखी बेटी हैं तरुणा
विधायक दीपेश साहू की पत्नी तरुणा साहू एक बेहद साधारण बीपीएल परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनका परिवार मूल रूप से दुर्ग जिले के बिरोदा गांव का रहने वाला है। तरुणा ने एमए तक उच्च शिक्षा प्राप्त की है। उनके पिता देवनारायण साहू पेशे से एक ड्राइवर हैं और मां गृहिणी हैं।
Author: Anjali Sahu

