Prayagraj News: उत्तर प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों की बढ़ती संख्या और उनकी संवेदनशीलता का फायदा उठाने के लिए साइबर अपराधी लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। इस बार ठगों ने यूपीटीईटी-2026 के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाकर अभ्यर्थियों को भ्रमित करने और ठगी करने की साजिश रची। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के उपसचिव की तहरीर पर कर्नलगंज थाने में आईटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस और साइबर सेल मामले की जांच कर रही है।
आधिकारिक वेबसाइट की नकल कर बनाया गया जाल
साइबर अपराधियोंने ‘uptet2026.in’ नाम से एक फर्जी वेबसाइट तैयार की, जो पहली नजर में पूरी तरह से असली लगती है। इसका डिजाइन, लेआउट और कंटेंट इस तरह तैयार किया गया है कि यह आयोग की आधिकारिक वेबसाइट से काफी मिलता-जुलता दिखता है। आयोग ने 20 मार्च 2026 को यूपीटीईटी-2026 का आधिकारिक विज्ञापन अपनी वेबसाइट ‘upessc.up.gov.in’ पर जारी किया था, जिसमें आवेदन प्रक्रिया 27 मार्च से शुरू होने की जानकारी दी गई थी। ठगों ने इसी सूचना का फायदा उठाकर फर्जी वेबसाइट पर भी वही जानकारी डाल दी।
पुलिस और साइबर सेल की कार्रवाई
कर्नलगंज थानेके इंस्पेक्टर संजय कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस साइबर सेल की मदद से यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस वेबसाइट को किसने बनाया और इसका सर्वर कहां से ऑपरेट हो रहा है। फर्जी वेबसाइट को जल्द से जल्द बंद (टेकडाउन) कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यदि आरोपी की पहचान हो जाती है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आयोग की साख पर भी संकट
इस घटनासे उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की छवि को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। जब अभ्यर्थी फर्जी वेबसाइट को असली समझ लेते हैं और उनके साथ ठगी होती है, तो वे अक्सर आयोग को ही जिम्मेदार मान लेते हैं। इससे संस्थान की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं और भविष्य की परीक्षाओं में अविश्वास का माहौल बन सकता है। यह पहला मामला नहीं है जब प्रतियोगी परीक्षाओं के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाई गई हो।
असली और नकली वेबसाइट कैसे पहचानें
अभ्यर्थीआधिकारिक वेबसाइट का URL हमेशा ‘.gov.in’ या सरकारी डोमेन में देखें। व्हाट्सएप, टेलीग्राम या सोशल मीडिया पर आए लिंक पर सीधे क्लिक न करें। फीस भुगतान केवल आधिकारिक पोर्टल के जरिए ही करें। किसी भी सूचना को आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर जरूर जांचें। अज्ञात वेबसाइट पर अपनी निजी जानकारी डालने से बचें।


