आसमान से बरस रही ‘आग’: दिल्ली में 44 डिग्री के टॉर्चर के बीच पक्षियों का बुरा हाल, जानें कब मिलेगी राहत

Delhi News: राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी का सितम जारी है और पारा लगातार 42 डिग्री के पार बना हुआ है। रविवार को सीजन की सबसे गर्म सुबह दर्ज की गई, जहां न्यूनतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग ने सोमवार के लिए लू (Heatwave) का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। हालांकि, शाम को आंधी आने की संभावना है, जो तपती दिल्ली को मामूली राहत दे सकती है। अगले दो दिनों तक हल्की बारिश और आंधी के आसार जताए गए हैं।

दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में पारे का टॉर्चर

दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया जा रहा है। रिज एरिया में अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री और आया नगर में 43.1 डिग्री तक पहुंच गया है। पीतमपुरा में न्यूनतम तापमान ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए और यह 30.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गाजियाबाद और नोएडा में भी न्यूनतम पारा 27 डिग्री के आसपास बना हुआ है। तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का घर से निकलना दूभर कर दिया है।

बारिश की उम्मीद और मई की शुरुआत में गर्मी

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 28 और 29 अप्रैल को आंधी के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इससे तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आने की उम्मीद है। हालांकि, यह राहत ज्यादा समय तक नहीं टिकेगी क्योंकि 30 अप्रैल से मौसम फिर साफ हो जाएगा। मई के शुरुआती दो दिन बेहद उमस भरे और गर्म रहने वाले हैं। इस दौरान आसमान साफ रहेगा और अधिकतम तापमान दोबारा 41 डिग्री सेल्सियस के स्तर को छू सकता है।

हीट स्ट्रोक का शिकार हो रहे बेजुबान पक्षी

भीषण गर्मी का सबसे दर्दनाक असर बेजुबान पक्षियों और रेंगने वाले जीवों पर दिख रहा है। राजधानी के बर्ड हॉस्पिटल्स में रोजाना बड़ी संख्या में हीट स्ट्रोक से पीड़ित पक्षी लाए जा रहे हैं। वन विभाग के अनुसार, कई पक्षी उड़ते-उड़ते अचानक जमीन पर गिर रहे हैं। चांदनी चौक स्थित जैन चैरिटेबल बर्ड अस्पताल में चील, कबूतर और तोते जैसे पक्षियों का इलाज किया जा रहा है। इनमें हाइपोथर्मिया और डिहाइड्रेशन की गंभीर शिकायतें भी मिल रही हैं।

वन विभाग ने शुरू किया बचाव अभियान

पक्षियों और जानवरों को बचाने के लिए वन विभाग ने रेस्क्यू टीमें तैनात की हैं। दिल्ली के रिज एरिया और असोला भाटी वाइल्ड लाइफ सेक्चुरी में विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। वन्यजीवों को पानी मुहैया करवाने के लिए पूरे क्षेत्र में 450 से अधिक वॉटर होल और चेक डैम बनाए गए हैं। इन जल स्रोतों को दिन में दो से तीन बार भरा जाता है। विभाग के पास रोजाना औसतन 50 से अधिक कॉल जानवरों और पक्षियों की मदद के लिए आ रही हैं।

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