Delhi News: उत्तरी जिला पुलिस ने राजधानी में हुई 50 लाख रुपये की सनसनीखेज डकैती की गुत्थी सुलझा ली है। इस मामले में पुलिस ने अपने ही विभाग के एक सिपाही समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस डकैती की साजिश पुलिस महकमे में तैनात एक सिपाही ने ही रची थी। इस खुलासे के बाद दिल्ली पुलिस के उच्च अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस ने आरोपियों के पास से लूटी गई नकदी, मोबाइल फोन और वारदात में प्रयुक्त बाइक बरामद की है।
रेलवे अंडरपास के पास फिल्मी अंदाज में लूटे थे 50 लाख
घटना 31 मार्च की है जब शिकायतकर्ता राणा महेपाल सिंह अपने साथी के साथ ऑटो से चांदनी चौक जा रहे थे। उनके पास बैग में 50,37,000 रुपये की बड़ी रकम मौजूद थी। आजाद मार्केट चौक के पास रेलवे अंडरपास के पास बदमाशों ने उन पर अचानक हमला कर दिया। लुटेरों ने हथियारों के बल पर उनका बैग छीना और स्कूटी से फरार हो गए। इस वारदात ने इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।
सीसीटीवी और एफआरएस तकनीक से बदमाशों तक पहुंची पुलिस
डीसीपी राजा बांठिया के निर्देश पर गठित टीम ने जांच के लिए सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच में एक सिल्वर रंग की बाइक संदिग्ध पाई गई। पुलिस ने सबसे पहले सरफराज हुसैन को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसके बाद कड़ियां जुड़ती गईं और सलमान, जावेद, साहिल और रोहित जैसे आरोपियों की पहचान हुई। पुलिस ने आधुनिक एफआरएस (फेस रिकग्निशन सिस्टम) तकनीक का इस्तेमाल कर निखिल कुमार मीणा को भी दबोच लिया।
सिपाही समय सिंह ने बुना था लूट का पूरा जाल
जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब आरोपी फरमान ने मास्टरमाइंड का नाम बताया। डकैती की पूरी योजना दिल्ली पुलिस की पांचवीं बटालियन में तैनात सिपाही समय सिंह ने बनाई थी। समय सिंह ने ही गिरोह को सटीक जानकारी दी थी कि मोटी रकम कब और कहां से गुजरेगी। उसने ही सभी लुटेरों को कीर्ति नगर भेजकर इस बड़ी वारदात को अंजाम दिलवाया। सिपाही समय सिंह पर पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में हुआ सफल ऑपरेशन
यह पूरी कार्रवाई संयुक्त ऑपरेशन टीम द्वारा सफलतापूर्वक अंजाम दी गई। इस टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर संजय कुमार गुप्ता और गणेश कुमार कर रहे थे। पूरी जांच की देखरेख एसीपी विशेष धत्तरवाल और एसीपी विधुशी कौशिक ने की। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य नेटवर्क और लूटी गई बाकी रकम की तलाश कर रही है। पकड़े गए सभी सात आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है ताकि इस गिरोह के पिछले कारनामों का पता लगाया जा सके।


