Delhi News: देश की आम जनता पर महंगाई का एक और बड़ा बम फूटा है। तेल कंपनियों ने घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी कर दी है। इसके साथ ही दिल्ली-मुंबई सहित कई बड़े महानगरों में सीएनजी के दाम भी 2 रुपये प्रति किलो बढ़ गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी तेजी के बाद तेल कंपनियों ने यह कड़ा कदम उठाया है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ईरान पर हुए हमलों के कारण होर्मुज स्ट्रेट में कच्चे तेल की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है।
वैश्विक संकट के चलते पिछले तीन महीनों में कच्चा तेल 75 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर सीधे 120 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुका है। बाजार के जानकारों का स्पष्ट कहना है कि ईंधन के दामों में हुई इस ताजा बढ़ोतरी का सीधा असर अब आम आदमी की रसोई के बजट पर पड़ेगा।
माल ढुलाई महंगी होने से बढ़ेंगे रोजमर्रा की चीजों के दाम
ईंधन महंगा होने के कारण देश में ट्रांसपोर्टेशन का खर्च काफी बढ़ जाएगा। माल ढुलाई महंगी होने से आने वाले दिनों में फल, सब्जी, दूध और अनाज जैसी जरूरी खाद्य सामग्रियां महंगी हो सकती हैं। इसके अलावा स्टील, ई-कॉमर्स और एफएमसीजी सेक्टर पर भी इसका सीधा असर देखने को मिलेगा।
इस फैसले के बाद ऑफिस आने-जाने वाले नौकरीपेशा लोगों की जेब पर पेट्रोल का खर्च तो बढ़ेगा ही, साथ ही ऑटो, कैब और बसों के किराए में भी बढ़ोतरी होने की पूरी आशंका है। बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस के अनुसार आने वाले दिनों में कीमतें और भी बढ़ सकती हैं।
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि तेल कंपनियां लंबे समय से घाटा झेल रही थीं, जिसकी भरपाई केवल 3 रुपये बढ़ाने से नहीं होगी। एमके ग्लोबल की इकोनॉमिस्ट माधवी अरोड़ा के मुताबिक पेट्रोल-डीजल की सीपीआई में 5 फीसदी हिस्सेदारी है, जिससे आने वाले समय में खुदरा महंगाई दर में और तेजी आएगी।
Author: Gaurav Malhotra

