समर वेकेशन में बड़ा अलर्ट! सस्ते टूर पैकेज और फर्जी होटल बुकिंग से लग सकता है लाखों का चूना, जानिए कैसे बचें

Delhi News: स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां शुरू होते ही अगर आप भी अपने परिवार के साथ किसी हिल स्टेशन या पर्यटन स्थल पर जाने की योजना बना रहे हैं, तो बेहद सावधान रहने की जरूरत है। समर वेकेशन के इस पीक सीजन में देश भर के मासूम पर्यटकों को निशाना बनाने के लिए साइबर ठगों का पूरा सिंडिकेट बेहद सक्रिय हो चुका है।

ये शातिर ठग आम लोगों को बेहद सस्ते टूर पैकेज, फाइव-स्टार होटलों में भारी छूट और कौड़ियों के दाम पर हवाई टिकट का लालच देकर उनके बैंक खातों को पूरी तरह खाली कर रहे हैं। इसके लिए वे मेकमाइट्रिप, ईजीमाईट्रिप और बुकिंग डॉट कॉम जैसी नामी ट्रैवल कंपनियों से मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइट्स (क्लोन डोमेन) तैयार करते हैं।

अक्सर लोग असली और नकली वेबसाइट के बीच का फर्क नहीं समझ पाते और उनके झांसे में आ जाते हैं। इसके अलावा, जब लोग गूगल सर्च पर किसी एयरलाइन या होटल का हेल्पलाइन नंबर ढूंढते हैं, तो सर्च रिजल्ट में सबसे ऊपर विज्ञापन के रूप में इन अपराधियों के फर्जी नंबर दिखाई देते हैं।

भारतीयों ने डिजिटल ठगी में गंवाए ₹22,495 करोड़

केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के आंकड़े बताते हैं कि देश में डिजिटल ठगी अब एक महामारी का रूप ले चुकी है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में भारतीयों ने विभिन्न साइबर धोखाधड़ी में करीब 22,495 करोड़ रुपये गंवाए हैं, जो पिछले वर्ष से 24% अधिक है।

नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर वर्ष 2025 में 28.15 लाख से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 45 प्रतिशत ठगी बड़ी कंपनियों के फर्जी डोमेन बनाकर की गई है। मैकएफी की ‘सेफर समर ट्रैवल’ रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में हर दूसरा यात्री (47 प्रतिशत) इस डिजिटल ठगी का सीधा शिकार हो चुका है।

साइबर मामलों के विशेषज्ञ पवन दुग्गल के अनुसार, देश का वर्तमान सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 इस हाईटेक खतरे से निपटने के लिए नाकाफी है। ठग अब फर्जी बुकिंग पोर्टल, डीपफेक ट्रैवल एजेंट और एआई-जेनरेटेड फर्जी टूर प्लान का धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे बचने के लिए नया कड़ा फ्रेमवर्क जरूरी है।

साइबर ठगों से सुरक्षित बचने के अचूक उपाय

किसी भी ट्रैवल वेबसाइट पर जाने से पहले उसका वेब एड्रेस जरूर चेक करें और देखें कि वह ‘https://’ से शुरू हो रहा हो। होटल या फ्लाइट की बुकिंग हमेशा उनकी आधिकारिक वेबसाइट या गूगल प्ले स्टोर/एप्पल ऐप स्टोर से डाउनलोड किए गए ऑफिशियल ऐप के जरिए ही करें और अनजान लिंक पर क्लिक न करें।

यदि कोई डील बाजार की सामान्य कीमत से 50% से 70% तक सस्ती मिल रही है, तो लालच में आने के बजाय तुरंत सतर्क हो जाएं। किसी अनजान यूपीआई आईडी पर एडवांस पेमेंट करने से बचें और बुकिंग के बाद संबंधित होटल या एयरलाइन के आधिकारिक नंबर पर कॉल करके अपनी बुकिंग आईडी की पुष्टि जरूर कर लें।

धोखाधड़ी का शिकार होने पर तुरंत करें ये काम

अगर आप किसी भी तरह की वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं, तो ‘गोल्डन आवर’ का फायदा उठाएं। बिना एक पल का समय गंवाए तुरंत केंद्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। घटना के तुरंत बाद शिकायत दर्ज कराने से ठगे गए पैसे फ्रीज या ब्लॉक होने की संभावना काफी ज्यादा बढ़ जाती है।

इसके अलावा आप गृह मंत्रालय के आधिकारिक शिकायत पोर्टल http://www.cybercrime.gov.in पर जाकर भी अपनी लिखित शिकायत दर्ज करा सकते हैं। साथ ही अपने संबंधित बैंक को तुरंत इस फ्रॉड की सूचना देकर अपने क्रेडिट/डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग अकाउंट को पूरी तरह ब्लॉक करवाएं ताकि और नुकसान न हो।

Author: Mohit

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