Delhi News: दिल्ली नगर निगम (MCD) के अगले महापौर, उप महापौर और स्थायी समिति की तीन सीटों के लिए आज मतदान होगा। इस बार का चुनाव राजधानी की सियासत के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। कुल 273 सदस्य आज अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 249 पार्षदों के अलावा सांसद और विधायक भी शामिल हैं। आम आदमी पार्टी के मैदान से हटने के बाद अब चुनावी तस्वीर काफी साफ नजर आ रही है।
प्रवेश वाही की जीत लगभग तय, बीजेपी ने चला अनुभवी दांव
भारतीय जनता पार्टी ने रोहिणी-पूर्व से तीन बार के पार्षद प्रवेश वाही को अपना उम्मीदवार बनाया है। वाही के पास नगर निगम के कामकाज का लंबा अनुभव है। ‘आप’ के चुनाव बहिष्कार और कांग्रेस द्वारा हाजी जरीफ को उतारने के बाद वाही की राह आसान दिख रही है। बहुमत के लिए किसी भी उम्मीदवार को 137 वोटों की जरूरत होती है। वर्तमान समीकरणों को देखते हुए बीजेपी का पलड़ा प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले काफी ज्यादा मजबूत है।
समीकरणों ने बदला खेल, बीजेपी को मिला बहुमत का आंकड़ा
निर्वाचक मंडल में बीजेपी की ताकत अचानक बढ़ गई है। पार्टी के पास फिलहाल 143 वोट होने का दावा किया जा रहा है। इसमें 123 पार्षदों के साथ 11 विधायक और 9 सांसद शामिल हैं। दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी के पास अब केवल 105 वोट बचे हैं। स्वाति मालीवाल के बीजेपी में शामिल होने और सांसदों के पार्टी बदलने से अरविंद केजरीवाल की पार्टी को बड़ा झटका लगा है। इससे बीजेपी की जीत का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
273 सदस्यों का निर्वाचक मंडल करेगा भविष्य का फैसला
महापौर चुनाव की प्रक्रिया में वोट डालने के लिए एक खास निर्वाचक मंडल तैयार किया गया है। इसमें दिल्ली के सातों लोकसभा सांसद और तीन राज्यसभा सांसद हिस्सा लेंगे। साथ ही दिल्ली विधानसभा द्वारा मनोनीत 14 विधायकों को भी वोटिंग का अधिकार दिया गया है। 249 पार्षदों की भूमिका सबसे अहम होगी। बीजेपी की रणनीति अपनी इस मजबूत संख्या बल का पूरा लाभ उठाने की है। स्थायी समिति की तीन रिक्त सीटों पर भी सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।
आम आदमी पार्टी की रणनीतिक पीछे हटने से बढ़ा सस्पेंस
आम आदमी पार्टी ने इस बार महापौर चुनाव से दूर रहने का फैसला किया है। पार्टी के इस कदम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल के महीनों में कई प्रमुख नेताओं और पार्षदों के पाला बदलने से ‘आप’ की ताकत कमजोर हुई है। बीजेपी का एकमात्र ध्यान अब अपनी जीत को औपचारिक रूप देने पर है। कांग्रेस उम्मीदवार हाजी जरीफ की मौजूदगी के बावजूद मुकाबला एकतरफा होने की उम्मीद जताई जा रही है। आज शाम तक नगर निगम को नया मुखिया मिल जाएगा।


