Delhi News: देश की राजधानी दिल्ली के द्वारका इलाके में गुरुवार सुबह एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। यहां सेक्टर-23 स्थित एक गोल्फ कोर्स के तालाब में डूबने से तीन मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। दमकल विभाग को सुबह करीब 7:08 बजे इस घटना की सूचना मिली थी। इसके तुरंत बाद पुलिस और राहत टीमों ने मौके पर पहुंचकर बच्चों को बाहर निकाला। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।
नहाने उतरे थे बच्चे या हुआ कोई हादसा?
पुलिस को तालाब के किनारे बच्चों के कपड़े बरामद हुए हैं। प्राथमिक जांच में अंदेशा जताया जा रहा है कि बच्चे तालाब में नहाने के लिए उतरे थे। गहराई का अंदाजा न होने के कारण वे पानी में समा गए। मृत बच्चों की उम्र लगभग 8 से 10 वर्ष के बीच बताई जा रही है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से कुछ नमूने भी इकट्ठे किए हैं। पुलिस बारीकी से जांच कर रही है कि यह सिर्फ एक हादसा है या कोई साजिश।
पहचान को लेकर उलझी पुलिस की गुत्थी
हादसे के कई घंटे बीत जाने के बाद भी बच्चों की शिनाख्त नहीं हो सकी है। सेक्टर-23 थाने के एसएचओ अपनी टीम के साथ बच्चों के माता-पिता की तलाश में जुटे हैं। हैरानी की बात यह है कि पुलिस रिकॉर्ड में फिलहाल किसी बच्चे के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज नहीं है। पुलिस आसपास की झुग्गियों और कॉलोनियों में पूछताछ कर रही है। लापता बच्चों की पुरानी शिकायतों से भी इन शवों का मिलान करने की कोशिश की जा रही है।
पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच से खुलेगा राज
दिल्ली पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सुरक्षित रखवा दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चलेगा। फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से तालाब के आसपास के पदचिह्नों और साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। इलाके के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि बच्चे वहां अकेले आए थे या उनके साथ कोई और भी था।
सरकारी एजेंसियों ने संभाला मोर्चा
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गई थीं। हालांकि रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू होने तक काफी देर हो चुकी थी। गोल्फ कोर्स जैसे सुरक्षित माने जाने वाले क्षेत्र में बच्चों का प्रवेश और तालाब तक पहुंचना सुरक्षा इंतजामों पर भी सवाल खड़े करता है। पुलिस इस पहलू पर भी गौर कर रही है कि बच्चों ने दीवार फांदकर प्रवेश किया था या किसी गेट से वे अंदर दाखिल हुए थे।
इलाके में पसरा मातम और सुरक्षा पर सवाल
इस दुखद घटना के बाद द्वारका और आसपास के इलाकों में शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय लोग सुरक्षा चूक को लेकर भी चर्चा कर रहे हैं। गर्मी के मौसम में अक्सर बच्चे जलाशयों की ओर रुख करते हैं, जो उनके लिए जानलेवा साबित होता है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने बच्चों पर नजर रखें और उन्हें गहरे पानी वाले स्थानों से दूर रहने की सलाह दें। फिलहाल प्रशासन बच्चों के परिजनों की तलाश को प्राथमिकता दे रहा है।


