India News: भारत में अब लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सरकार ने आगामी जनगणना के लिए नियमों में अहम फेरबदल किया है। अब अगर कोई जोड़ा लिव-इन में रहता है। और वे अपने रिश्ते को ‘स्थिर’ मानते हैं। तो जनगणना में उन्हें शादीशुदा ही गिना जाएगा। देश में पहली बार ऐसा होने जा रहा है। इसके साथ ही पूरी तरह डिजिटल जनगणना की शुरुआत भी होगी। लोग खुद पोर्टल पर अपनी जानकारी दे सकेंगे।
लिव-इन जोड़ों के लिए जनगणना में बड़ा बदलाव
जनगणना 2027 की तैयारियां अब जोरों पर हैं। सरकार ने एक सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल तैयार किया है। इस पोर्टल पर 33 सवालों की सूची जारी की गई है। इसमें लिव-इन जोड़ों को लेकर एक अहम सवाल है। पोर्टल के अनुसार, अगर लिव-इन पार्टनर अपने रिश्ते को एक ‘स्थिर संबंध’ मानते हैं। तो उनकी गिनती एक विवाहित जोड़े के रूप में होगी। यह कदम समाज में आ रहे बदलावों को मान्यता देता है। बदलते दौर में सरकार का यह फैसला बेहद महत्वपूर्ण है।
दो चरणों में पूरी होगी डिजिटल जनगणना
इस बार जनगणना की पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी। यह काम मुख्य रूप से दो चरणों में बंटा होगा। पहला चरण 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगा। इसमें घरों की सूची और सुविधाओं की जानकारी जुटाई जाएगी। यह प्रक्रिया करीब 45 दिनों तक चलेगी। इसमें मकान, पानी, बिजली और वाहनों की जानकारी देनी होगी। दूसरा चरण फरवरी 2027 से शुरू होगा। इसमें देश की कुल आबादी की गिनती की जाएगी। लोग खुद भी ऑनलाइन अपनी जानकारी भर सकेंगे।
आपत्तिजनक सवाल पूछने पर नपेंगे अधिकारी
जनगणना के दौरान आपकी निजता का पूरा ख्याल रखा जाएगा। सरकार ने अधिकारियों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। सेंसस एक्ट 1948 की धारा 15 के तहत निजी जानकारी गोपनीय रहेगी। कोई भी जानकारी किसी अन्य के साथ साझा नहीं होगी। अगर कोई अधिकारी जानबूझकर आपत्तिजनक या अनुचित सवाल पूछता है। तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने पर 1,000 रुपये का जुर्माना लग सकता है। इसके अलावा तीन साल तक की जेल भी हो सकती है।
खुद भर सकेंगे अपनी जानकारी
इस बार नागरिकों को बड़ी सुविधा दी जा रही है। आप घर बैठे अपनी जानकारी खुद दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए सरकार एक विशेष पोर्टल शुरू कर रही है। पोर्टल पर जाकर आपको बस कुछ आसान सवालों के जवाब देने होंगे। यह प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी होगी। इससे समय बचेगा और आंकड़ों में भी ज्यादा सटीकता आएगी। यह भारत की 16वीं जनगणना होगी। कोरोना महामारी के कारण इसमें काफी देरी हो चुकी है। अब सरकार इसे जल्द पूरा करना चाहती है।


