Bihar News: बिहार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। वह 14 अप्रैल को बिहार आएंगे। इस पर राजद सांसद मनोज झा ने तंज कसा है। उन्होंने कहा कि बिहार कई संभावनाओं को खारिज कर चुका है और भाजपा को अपने नेता चुनने में भी मंजूरी नहीं है।
मनोज झा का बयान- पर्ची सीलबंद लिफाफे में आएगी
राजद सांसद मनोज झा ने सोमवार (13 अप्रैल) को कहा, “बिहार कई संभावनाओं को खारिज कर चुका है। जो प्रभारी महोदय तय किए गए हैं, उन्हें भी नहीं पता होगा कि किसको चुनना है।” उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि पर्ची हवाई जहाज में जाते समय दी जाएगी, जिसे सेलो टेप से बांधकर रखा गया होगा। मनोज झा ने कहा कि पर्ची खुलने दीजिए, तब पता चलेगा कि किसे नेता बनाना है। उनका यह बयान भाजपा के आंतरिक लोकतंत्र पर सवाल उठाने वाला है।
शिवराज सिंह चौहान को पर्यवेक्षक बनाया गया
भाजपा ने बिहार विधायक दल के नेता के चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को इसके लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। वह 14 अप्रैल को पटना पहुंचेंगे और विधायकों के साथ बैठक करेंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक में नए विधायक दल के नेता का चुनाव किया जाएगा। फिलहाल भाजपा के बिहार प्रभारी और अन्य वरिष्ठ नेता भी इस प्रक्रिया में शामिल होंगे।
विपक्ष का तंज, सत्तारूढ़ गठबंधन में अंदरूनी खींचतान
राजद के इस बयान को विपक्ष के तंज के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि भाजपा ने अभी इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। बिहार में सत्तारूढ़ गठबंधन में नेतृत्व को लेकर अंदरूनी खींचतान की चर्चाएं हैं। मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बाद अगला नेता कौन होगा, इस पर सियासी गलियारों में कयास लगाए जा रहे हैं। शिवराज सिंह चौहान के बिहार दौरे को इसी संदर्भ में देखा जा रहा है। भाजपा विधायक दल की बैठक में कई अहम फैसले हो सकते हैं।


