एयर इंडिया में बिंदी और सिंदूर पर बैन? सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का भयंकर गुस्सा, जानिए वायरल सच के पीछे की पूरी कहानी

India News: टाटा ग्रुप की एयर इंडिया ड्रेस कोड पर विवादों में है। इंटरनेट पर एक ग्रूमिंग हैंडबुक के स्क्रीनशॉट वायरल हुए हैं। इसमें कहा गया है कि केबिन क्रू ड्यूटी पर बिंदी और सिंदूर नहीं लगा सकते। इस दावे के बाद लोगों का भारी गुस्सा फूट पड़ा। यूजर्स ने इसे भारतीय संस्कृति का सीधा अपमान बताया है। विवाद बढ़ता देखकर एयर इंडिया ने सफाई दी है। कंपनी ने वायरल तस्वीर को पुराना दस्तावेज बताकर सभी को छूट दी है।

सोशल मीडिया पर कैसे भड़का लोगों का भारी गुस्सा

इस विवाद की शुरुआत एक्स प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट से हुई। यूजर प्रणव महाजन ने ग्रूमिंग हैंडबुक की तस्वीरें शेयर कीं। उन्होंने लिखा कि शादी के प्रतीकों पर पाबंदी लगाना बिल्कुल गलत है। इसके बाद कई लोगों ने एयरलाइन पर कड़े सवाल उठाए। लोगों ने पूछा कि अन्य धार्मिक प्रतीकों की अनुमति है, तो बिंदी पर रोक क्यों है। देखते ही देखते इस मुद्दे ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है।

एयर इंडिया की पुरानी हैंडबुक में क्या लिखा था

वायरल दस्तावेज के मुताबिक ड्यूटी के समय बिंदी, सिंदूर, तिलक और कलावा पहनने की सख्त मनाही थी। साल दो हजार बाईस वाली गाइडलाइंस में बड़ी बिंदी लगाने पर रोक लगाई गई थी। उस समय केवल साड़ी के साथ आधी सेंटीमीटर से छोटी बिंदी लगाने का विकल्प मौजूद था। नई चर्चा में इन सभी चीजों पर पूरी तरह से प्रतिबंध की बात सामने आई थी। यह नियम टाटा ग्रुप की अपडेटेड पॉलिसी से जुड़े बताए गए थे।

विवाद बढ़ने पर कंपनी ने तुरंत पेश की सफाई

इस भारी विरोध और विवाद को बढ़ता देखकर एयर इंडिया ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है। कंपनी ने एक बयान जारी करके कहा कि वह इस मामले में पूरी स्थिति साफ करना चाहती है। एयरलाइन ने स्पष्ट किया कि उसके सभी कर्मचारियों को बिंदी पहनने की पूरी आजादी है। ऑनलाइन फैलाई जा रही तस्वीरें कंपनी के एक पुराने मैनुअल का हिस्सा हैं। वर्तमान समय में एयर इंडिया इस पुरानी नीति का बिल्कुल इस्तेमाल नहीं कर रही है।

चश्मा कंपनी लेंसकार्ट में भी हो चुका है ऐसा विवाद

हाल ही में मशहूर आईवियर कंपनी लेंसकार्ट भी ऐसे ही बड़े विवाद में फंसी थी। सोशल मीडिया पर लेंसकार्ट की एक ग्रूमिंग गाइड वायरल हुई थी। इस गाइड के कारण कंपनी पर धार्मिक पक्षपात के गंभीर आरोप लगे थे। इसमें कर्मचारियों को हिजाब पहनने की छूट थी, लेकिन बिंदी और तिलक पर रोक थी। मामला तूल पकड़ने के बाद संस्थापक पीयूष बंसल ने सामने आकर सफाई दी थी। उन्होंने उस वायरल दस्तावेज को पुराना करार दिया था।

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