Himachal News: हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले पांच रुपये के सेस (उपकर) पर सियासी घमासान मच गया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया है कि इसका बोझ आम जनता पर बिल्कुल नहीं पड़ेगा। यह पैसा सीधे पेट्रोल पंप के व्यापारियों से वसूला जाएगा। इस रकम से अनाथ बच्चों और विधवाओं की मदद की जाएगी। इसके साथ ही सीएम ने भाजपा और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर पर जनता में भ्रम फैलाने का कड़ा आरोप लगाया है।
आम जनता की जेब पर नहीं पड़ेगा कोई असर
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार ने सामाजिक कल्याण के लिए विधानसभा में ‘हिमाचल प्रदेश मूल्य परिवर्धित कर संशोधन अधिनियम-2026’ पारित किया है। सरकार पेट्रोल और डीजल पर प्रति लीटर पांच रुपये तक का सेस लगाने जा रही है। इसका मुख्य मकसद अनाथ बच्चों और विधवाओं को आर्थिक सुरक्षा देना है।
इस योजना की कुछ अहम बातें:
- पेट्रोल-डीजल पर 5 रुपये प्रति लीटर का सेस लागू होगा।
- इसका भुगतान आम जनता नहीं बल्कि तेल बेचने वाले व्यापारी करेंगे।
- सेस से मिलने वाला पूरा फंड विधवाओं और अनाथ बच्चों के कल्याण पर खर्च होगा।
- इस फैसले से आम उपभोक्ताओं के लिए तेल के दाम नहीं बढ़ेंगे।
भाजपा फैला रही है झूठा भ्रम
सीएम सुक्खू ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा इस मुद्दे पर जनता को सिर्फ गुमराह कर रही है। भाजपा यह झूठा प्रचार कर रही है कि जनता को अब महंगा तेल मिलेगा। सीएम ने बताया कि संशोधन विधेयक में साफ लिखा है कि वसूली सिर्फ व्यापारियों से होगी। सरकार ने आम लोगों की सहूलियत का पूरा ध्यान रखा है।
अनुराग ठाकुर पर सीएम सुक्खू का सीधा निशाना
मुख्यमंत्री ने अनुराग ठाकुर को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि हिमाचल भाजपा इस वक्त पांच अलग-अलग गुटों में बंट चुकी है। अनुराग ठाकुर सिर्फ अपने गुट का वजूद बचाने की कोशिश कर रहे हैं। वे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर विवादित बयान देकर दोबारा केंद्रीय मंत्रिमंडल में अपनी जगह पक्की करना चाहते हैं।
पड़ोसी राज्यों से सस्ता है हिमाचल का तेल
सुक्खू ने दावा किया कि राज्य सरकार ने ईंधन के दाम बिल्कुल नहीं बढ़ाए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अनुराग ठाकुर केंद्र में वित्त राज्यमंत्री रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें कानून की कोई समझ नहीं है। यह विधेयक अभी कानून बना भी नहीं है और भाजपा ने बेवजह हल्ला मचा दिया। मुख्यमंत्री ने यह भी याद दिलाया कि आज भी हरियाणा जैसे कई भाजपा शासित राज्यों में तेल की कीमतें हिमाचल से ज्यादा हैं।


