Himachal News: हिमाचल प्रदेश में चरमराती कानून व्यवस्था और बढ़ते नशे के जाल पर सियासत पूरी तरह गरमा गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर अब तक का सबसे तीखा प्रहार किया है। ठाकुर ने सीधे आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ड्रग तस्करों पर मेहरबान है। इसी खतरनाक ढील के कारण नशे के ओवरडोज से अब तक 66 युवाओं की दर्दनाक मौत हो चुकी है। उन्होंने राज्य में बढ़ते गंभीर अपराध, माफियाओं के खौफ और बीजेपी नेताओं के खिलाफ राजनीतिक बदले की भावना को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
तस्करों पर ढील और वॉकथॉन में व्यस्त है सरकार
जयराम ठाकुर ने गृह विभाग के कटौती प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कड़े और चुभते हुए सवाल पूछे। उन्होंने सदन को बताया कि कांग्रेस राज में एनडीपीएस एक्ट के तहत 6,240 मामले दर्ज हुए हैं। यह खौफनाक आंकड़ा प्रदेश में नशे के फैलते जाल को साबित करता है। सरकार तस्करों पर सख्त एक्शन लेने के बजाय सिर्फ वॉकथॉन और रैलियां करने में व्यस्त है। विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के चार जवानों की गिरफ्तारी ने पूरे सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है। ठाकुर ने पूछा कि इन दागी अफसरों को किसने नियुक्त किया था? इसकी पूरी जिम्मेदारी बड़े अधिकारियों को लेनी ही होगी।
लॉरेंस बिश्नोई की धमकियां और सरेआम गोलियां
नेता प्रतिपक्ष ने राज्य के बिगड़ते हालातों की एक बहुत भयानक तस्वीर पेश की। उन्होंने खुलासा किया कि पूरे हिमाचल में 1,534 लोग लापता हैं। बिलासपुर में एक पूर्व विधायक के होटल पर सरेआम अंधाधुंध गोलियां चलीं। कोर्ट परिसर के अंदर भी एक पूर्व विधायक पर जानलेवा हमला हुआ। इन बेखौफ हमलावरों के तार सीधे कुख्यात अपराधियों से जुड़े हुए हैं। स्कूल के बाहर से एक छात्र का अपहरण और शूलिनी यूनिवर्सिटी के पास फायरिंग की घटनाओं ने खौफ बढ़ा दिया है। प्रदेश में लॉरेंस बिश्नोई और दूसरे इंटरनेशनल गैंग की धमकियों से आम जनता भारी दहशत में है।
राजनीतिक बदले की आग में जल रही सुक्खू सरकार
जयराम ठाकुर ने सरकारी आंकड़ों का हवाला देकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए। बीते दो साल में दवाओं के 1,855 सैंपल परीक्षण में पूरी तरह फेल हो चुके हैं। इस छोटी सी अवधि में हत्या के 241 और बलात्कार के 111 सनसनीखेज मामले सामने आए। सुक्खू सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री राजनीतिक प्रतिशोध ले रहे हैं। बीजेपी विधायकों को जानबूझकर लंबी पूछताछ के नाम पर परेशान किया जा रहा है। उनके घरों पर बेवजह छापे मारे जा रहे हैं। इसके साथ ही निर्दोष बीजेपी कार्यकर्ताओं पर बिना उकसावे के झूठे केस लादे जा रहे हैं।


