Himachal News: हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले से सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां ऑनलाइन गेमिंग की लत में डूबे एक युवक ने कर्ज से बचने के लिए खुद की मौत का नाटक रच डाला। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस झूठी साजिश का पूरी तरह भंडाफोड़ कर दिया है।
यह हैरान करने वाला मामला चम्बा के डांड पंचायत का है। कर्जदाताओं के डर से 22 वर्षीय तौफीक ने खुद के अपहरण और हत्या की झूठी कहानी गढ़ी थी। इस साजिश में युवक ने अपने परिवार और पूरे पुलिस महकमे को कई दिनों तक लगातार गुमराह करके रखा।
सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच से खुला बड़ा राज
पुलिस जांच के अनुसार, मुर्गी पालन के व्यवसाय से जुड़े तौफीक पर लाखों रुपये का बड़ा कर्ज चढ़ चुका था। इस भारी वित्तीय संकट से बचने के लिए उसने गायब होने का प्लान बनाया। इस साजिश में उसके बड़े भाई शहजाद ने भी उसका पूरा साथ दिया था।
शहजाद ने खुद तौफीक को जिले से बाहर जाने वाली एक प्राइवेट बस में बैठाया था। जब पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज खंगाली, तो तौफीक के सुरक्षित बस में जाने का सच सामने आ गया। इसके बाद बुधवार को परिजन खुद उसे लेकर पुलिस चौकी पहुंचे।
चमेरा जलाशय के किनारे चप्पल रखकर फैलाई थी सनसनी
इससे पहले परिजनों ने पुलिस में शिकायत देकर बताया था कि तौफीक शुक्रवार रात से लापता है। बड़े भाई ने दावा किया था कि तौफीक पिकअप गाड़ी लेकर करीब ₹10 लाख नगद के साथ पठानकोट के लिए निकला था, जिसके बाद से उसका मोबाइल फोन बंद था।
जांच के दौरान चमेरा जलाशय के पास तौफीक की चप्पल और गाड़ी का टायर मिला था। भाई ने तुरंत इनकी पहचान की और आशंका जताई कि किसी ने तौफीक की हत्या कर शव नदी में फेंक दिया है। इस फर्जी सुराग ने पुलिस को काफी परेशान किया।
एसपी विजय सकलानी ने दी मामले की विस्तृत जानकारी
पूरे ड्रामे का पर्दाफाश होने के बाद चम्बा के एसपी विजय सकलानी ने बताया कि बुधवार को परिजन युवक को लेकर बनीखेत पुलिस चौकी पहुंचे हैं। पुलिस अधिकारी अब युवक से कड़ी पूछताछ कर रहे हैं। इस फर्जी मामले के हर कानूनी पहलू की जांच की जा रही है।
सरकारी तंत्र को झूठी सूचना देकर गुमराह करने के आरोप में पुलिस भाइयों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है। ऑनलाइन गेमिंग के दलदल में फंसकर युवाओं के ऐसे कदम उठाने पर स्थानीय प्रशासन ने भी गहरी चिंता व्यक्त की है।
Author: Sunita Gupta


