Lucknow News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के विद्यालयों को पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की प्रयोगशाला बनाने जा रही है। इसी उद्देश्य के साथ प्रदेश में ‘इको क्लब्स फॉर मिशन लाइफ’ के तहत जुलाई महीने का विशेष गतिविधि कैलेंडर जारी किया गया है।
इस नए कैलेंडर का मुख्य उद्देश्य राज्य के सभी स्कूलों में हरित संस्कृति को मजबूत करना और मिशन लाइफ के संकल्पों को जमीनी स्तर पर उतारना है। इस पूरे महीने स्कूलों में ‘स्वस्थ जीवनशैली अपनाना’ विषय पर आधारित विभिन्न प्रकार की महत्वपूर्ण और जागरूक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
छात्रों को प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण के प्रति बनाया जाएगा जिम्मेदार
इन आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों में प्रकृति संरक्षण, पर्यावरणीय उत्तरदायित्व और सतत जीवनशैली के प्रति एक व्यावहारिक दृष्टिकोण विकसित किया जाएगा। योगी सरकार का लक्ष्य बच्चों में ऐसे संस्कार डालना है, जिससे वे प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनें और समाज में जनभागीदारी के इस बड़े अभियान को आगे बढ़ाएं।
इस अभियान की सबसे खास बात यह है कि इसमें केवल छात्रों को ही नहीं, बल्कि उनके अभिभावकों और स्थानीय समुदाय को भी सीधे जोड़ा जा रहा है। सरकार चाहती है कि पर्यावरण को बचाने की यह मुहिम केवल स्कूल परिसर तक सीमित न रहकर एक बड़ा जन आंदोलन बन सके।
‘एक पेड़ मां के नाम 3.0’ अभियान के तहत होगा भारी पौधरोपण
जुलाई महीने की सबसे प्रमुख गतिविधि ‘एक पेड़ मां के नाम 3.0’ अभियान होगी। इसके अंतर्गत सभी स्कूल परिसरों, सार्वजनिक स्थलों और आसपास की खाली जमीनों पर बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जाएगा। छात्रों को पौधों के वैज्ञानिक, सामाजिक और पर्यावरणीय महत्व के बारे में भी विस्तार से समझाया जाएगा।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि छात्र केवल पौधे लगाएंगे ही नहीं, बल्कि उनके पूरी तरह बड़े होने तक संरक्षण का संकल्प भी लेंगे। लगाए गए सभी पौधों की देखभाल, समय पर सिंचाई और नियमित निगरानी की पूरी जिम्मेदारी सीधे तौर पर विद्यार्थियों को ही सौंपी जाएगी।
विभिन्न रचनात्मक प्रतियोगिताओं से बच्चों में बढ़ेगी पर्यावरण जागरूकता
महीने के दौरान बच्चों की जागरूकता बढ़ाने के लिए स्कूलों में पोस्टर, स्लोगन, कोलाज, स्वतंत्र लेखन और वाद-विवाद जैसी रचनात्मक प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। इसके अलावा छात्रों को प्रकृति भ्रमण पर ले जाकर स्थानीय जैव विविधता, पेड़-पौधों और प्राकृतिक संसाधनों का प्रत्यक्ष अध्ययन भी कराया जाएगा।
महीने के दूसरे शनिवार को सभी स्कूलों में विशेष पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इन सभी प्रतियोगिताओं और अभियानों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को स्कूल स्तर पर सम्मानित भी किया जाएगा, जिससे अन्य बच्चों को भी पर्यावरण बचाने की प्रेरणा मिल सके।

