Ayodhya News: अयोध्या के राम मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी के बाद सुरक्षा व्यवस्था को बेहद सख्त किया जा रहा है। मामले की जांच कर रही एसआईटी अब बैंक और ट्रस्ट के पदाधिकारियों की भूमिका तय करने के साथ ही सुरक्षा में बड़े बदलावों की सिफारिश करने वाली है।
मामले की जांच कर रहे अधिकारियों के मुताबिक, अब दान के रुपयों की गिनती के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई तकनीक की मदद ली जाएगी। इसके साथ ही वहां तैनात कर्मियों पर कड़ी नजर रखने के लिए एक विशेष त्रिस्तरीय चेकिंग सिस्टम लागू करने पर गंभीरता से मंथन चल रहा है।
लापरवाही बरतने वालों पर गिरेगी गाज
एसआईटी अपनी अंतिम रिपोर्ट आगामी 15 जुलाई तक शासन को सौंप सकती है। प्रारंभिक जांच में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों के स्तर पर बड़ी लापरवाही सामने आई है। इस रिपोर्ट में नियमों का पालन न कराने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका को पूरी तरह स्पष्ट किया जाएगा।
चोरी की इस बड़ी वारदात के बाद पुलिस ने आरोपियों के संपर्क में रहे 20 से अधिक लोगों के जिला छोड़ने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। इसके अलावा 50 अन्य संदिग्धों को नोटिस भेजकर तुरंत बयान दर्ज कराने और जांच पूरी होने तक पुलिस के संपर्क में रहने का आदेश दिया है।
कॉल डिटेल और खातों की सघन जांच
मामले के विवेचक आशुतोष तिवारी की टीम सभी संदिग्धों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड और बैंक खातों के वित्तीय लेन-देन की बारीकी से जांच कर रही है। पुलिस की अलग-अलग टीमें आरोपियों से पूछताछ में मिले तथ्यों का इन संदिग्धों के बयानों से मिलान कर रही हैं ताकि पूरा सच सामने आ सके।
भविष्य में ऐसी बड़ी वारदात को रोकने के लिए मंदिर परिसर में हुंडियों की गिनती से लेकर बैंक तक नकद रकम पहुंचाने की पूरी व्यवस्था में आधुनिक तकनीक शामिल होगी। इसके साथ ही वहां काम करने वाले कर्मचारियों की वेशभूषा में भी बदलाव करने की योजना बनाई गई है।

