अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में नया मोड़: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, मुख्य आरोपियों की रिमांड मांगेगी पुलिस

Ayodhya News: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में रविवार को कई बड़े अपडेट सामने आए हैं। पुलिस मुख्य आरोपियों को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। वहीं, इस मामले की जांच को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में भी अहम सुनवाई होनी है। उधर, राजनीतिक बयानबाजी भी काफी तेज हो गई है।

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पुलिस इस केस में अरेस्ट किए गए रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और सुभाष श्रीवास्तव को सोमवार को फैजाबाद कोर्ट में पेश करेगी। जांच टीम इन दोनों की सात दिन की कस्टडी मांग सकती है। इन्वेस्टिगेशन में पता चला है कि मंदिर के सभी चौवन दानपात्रों की चाबी आरोपी टिन्नू के पास ही रहती थी।

पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से पैसों के लेन-देन और पूरे नेटवर्क के बारे में पूछताछ करेगी। जांच अधिकारी यह जानने की कोशिश करेंगे कि इस चोरी में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। इसके अलावा मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक को लेकर भी पुलिस दोनों आरोपियों से कड़े सवाल-जवाब करेगी।

सुप्रीम कोर्ट में होगी अहम सुनवाई, सीबीआई जांच की मांग

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले से जुड़ी तीन याचिकाओं पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। इन याचिकाओं में पूरे केस की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग की गई है। इसके साथ ही एसआईटी जांच की मॉनिटरिंग और दान मैनेजमेंट के लिए एक एक्सपर्ट कमेटी बनाने की अपील भी कोर्ट से की गई है।

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मामले की जांच कर रही एसआईटी दान की गिनती और बैंक डिपॉजिट प्रोसेस को खंगाल रही है। ट्रस्ट के पूर्व मेंबर डॉ. अनिल मिश्रा का रोल भी जांच के घेरे में है। एसआईटी पंद्रह जुलाई तक अपनी फाइनल रिपोर्ट सौंप सकती है। इसके बाद बाईस जुलाई को ट्रस्ट की मीटिंग में बड़ा फैसला हो सकता है।

शंकराचार्य ने ट्रस्ट और एसआईटी जांच पर उठाए गंभीर सवाल

इस बीच शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने रायबरेली में एक बड़ा बयान देकर विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने राम मंदिर को बीजेपी और आरएसएस का कार्यालय बताया है। शंकराचार्य ने कहा कि जब यह सच में राम मंदिर बनेगा, तभी वह दर्शन करेंगे। उन्होंने सरकार द्वारा बनाए गए ट्रस्ट और एसआईटी की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।

चढ़ावा चोरी विवाद को लेकर गोरखपुर में पुलिस ने समाजवादी पार्टी के एक नेता समेत तीन लोगों को अरेस्ट किया है। इन लोगों पर शहर में विवादित पोस्टर लगाने का आरोप है। दूसरी तरफ, कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने चोरी की घटना को निंदनीय बताया और विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगाया।

मंदिर ट्रस्ट में सीईओ और सौ पुजारियों की होगी भर्ती

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर पद के लिए एप्लीकेशन मांगे हैं। इस पोस्ट के लिए अठारह जुलाई तक अप्लाई किया जा सकता है। कैंडिडेट के पास कम से कम बीस साल का एडमिनिस्ट्रेटिव एक्सपीरियंस होना जरूरी है। इसके अलावा बाईस जुलाई की मीटिंग में सौ पुजारियों की नियुक्ति पर भी मुहर लगेगी।

चोरी की घटना सामने आने के बाद राम जन्मभूमि परिसर की सिक्योरिटी को और भी सख्त कर दिया गया है। दानपात्रों की निगरानी के लिए अब नए सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही सिक्योरिटी गार्ड्स की ड्यूटी में भी बड़ा बदलाव किया गया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।

ट्रस्ट के आंकड़ों के मुताबिक, मंदिर को अब तक कुल बत्तीस सौ चौंसठ करोड़ रुपये का फंड मिला है। इसमें से तेईस सौ सत्तर करोड़ रुपये कंस्ट्रक्शन पर खर्च हो चुके हैं। श्रद्धालुओं के चढ़ावे से मिले पांच सौ बयासी करोड़ रुपये में से तीन सौ इक्यानवे करोड़ रुपये विभिन्न धार्मिक कार्यों में उपयोग किए गए हैं।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सभी श्रद्धालुओं से शांति बनाए रखने की अपील की है। ट्रस्ट मैनेजमेंट का कहना है कि जब तक पुलिस इन्वेस्टिगेशन पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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