Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के महेशपुर रेंज से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहाँ महज एक दिन पहले एक स्थानीय किसान पर जानलेवा हमला करने वाले बाघ की अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है।
बाघ का शव रात करीब 10 से 11 बजे के बीच उदयपुर गांव के पास गन्ने के खेतों के बीच एक चक मार्ग (कच्चे रास्ते) पर पड़ा हुआ बरामद हुआ है। गन्ने के खेत में बाघ का शव मिलने की सूचना के बाद वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों में पूरी तरह से अफरातफरी मच गई।
ड्रोन कैमरों की मदद से की जा रही थी बाघ के मूवमेंट की निगरानी
दक्षिण खीरी वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) तापस मिहिर ने बाघ का शव मिलने की आधिकारिक पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इसी आदमखोर बाघ ने एक दिन पहले खेत पर गए किसान पर अचानक हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
इस हिंसक घटना के बाद वन विभाग की टीम पूरी तरह अलर्ट थी और बाघ के मूवमेंट (गतिविधि) पर पैनी नजर रखने के लिए इलाके में आधुनिक ड्रोन कैमरे लगाए गए थे। ड्रोन कैमरों से प्राप्त फुटेज से पता चला था कि बाघ अपनी जगह से ज्यादा हिल-डुल नहीं पा रहा है।
बीमारी की जताई जा रही है आशंका और आईवीआरआई बरेली भेजी गई बॉडी
बाघ की सुस्त गतिविधियों को देखते हुए वन्यजीव विशेषज्ञों द्वारा यह अनुमान लगाया जा रहा था कि वह काफी समय से गंभीर रूप से बीमार या चोटिल होगा, जिसके कारण वह ज्यादा मूवमेंट नहीं कर पा रहा था। हालांकि, मौत के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल सका है।
बाघ की मौत के असली और सटीक कारणों का पता लगाने के लिए वन विभाग के अधिकारी आनन-फानन में शव को अपने कब्जे में लेकर विस्तृत पोस्टमार्टम (Autopsy) कराने के लिए प्रतिष्ठित आईवीआरआई (IVRI) बरेली रवाना हो गए हैं। बरेली से आने वाली अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही इस मामले में मौत की असली वजह साफ हो सकेगी।

