New Delhi News: केंद्र सरकार ने बुधवार को भारतीय घरेलू एयरलाइंस के लिए एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी एटीएफ की कीमतों में बड़ी कटौती की घोषणा की है। सरकार ने हवाई ईंधन के दामों में 5 रुपये प्रति लीटर की कमी की है, जिससे अब इसकी प्रभावी कीमत घटकर 110 रुपये प्रति लीटर हो गई है। इस फैसले से विमानन कंपनियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
ईंधन निर्यात पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी में हुआ संशोधन
इससे पहले मंगलवार को केंद्र सरकार ने 1 जुलाई से शुरू होने वाले अगले दो हफ़्तों के लिए पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी में बदलाव किया था। वित्त मंत्रालय ने ईंधन एक्सपोर्ट पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी यानी एसएईडी को अपडेट करते हुए दो अलग-अलग आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किए हैं। हालांकि, घरेलू स्तर पर बेचे जाने वाले पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम एक्सपोर्ट लेवी यानी निर्यात शुल्क की पाक्षिक समीक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस पाक्षिक व्यवस्था को मार्च के महीने में पश्चिम एशिया संकट के बीच शुरू किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य देश से होने वाले ईंधन एक्सपोर्ट को हतोत्साहित करना और भारतीय बाजारों में पेट्रोलियम उत्पादों की पर्याप्त घरेलू उपलब्धता को सुनिश्चित करना है।
पेट्रोल, डीजल और एटीएफ के लिए नई निर्यात दरें निर्धारित
मंत्रालय के नए नियमों के तहत अब पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी 4 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 8.5 रुपये प्रति लीटर निर्धारित की गई है। इन दोनों मामलों में रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस को पूरी तरह शून्य रखा गया है, जिसके चलते एसएईडी ही पूरी एक्सपोर्ट लेवी बनाता है। इसके अलावा नोटिफिकेशन नंबर 37/2026 के तहत एटीएफ एक्सपोर्ट पर एसएईडी को 7.5 रुपये प्रति लीटर तय किया गया है।
छूट वाले देशों की सूची में मॉरीशस और मालदीव भी शामिल
सरकार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की औसत कीमतों के आधार पर हर दो हफ़्ते में इन दरों की समीक्षा करती है। इस बार दरों में बदलाव के साथ-साथ केंद्र ने छूट पाने वाले देशों की सूची का भी दायरा बढ़ा दिया है। पहले सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों द्वारा केवल नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और श्रीलंका को होने वाले एक्सपोर्ट पर छूट थी, जिसे अब मॉरीशस और मालदीव तक बढ़ा दिया गया है।
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि देश के भीतर इस्तेमाल होने वाले पेट्रोल और डीज़ल पर मौजूदा एक्साइज़ ड्यूटी पहले की तरह ही लागू रहेगी। इसलिए, जहाँ एक तरफ आज से केवल एक्सपोर्ट करने वाले व्यापारियों के टैक्स ढांचे में बदलाव होगा, वहीं दूसरी तरफ भारत के आम ग्राहकों और पेट्रोल पंपों पर ईंधन की खुदरा कीमतों पर इस फैसले का कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा।

