Pratapgarh News: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ और अमेठी जिले को जोड़ने वाले चिलबिला-मुसाफिरखाना राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-931) के चौड़ीकरण और कायाकल्प का काम तेजी से शुरू हो गया है। केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इस बेहद महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए एक हजार करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट स्वीकृत किया है।
इस बड़े प्रोजेक्ट के तहत लगभग 68.3 किलोमीटर लंबे मार्ग को मौजूदा सात मीटर से बढ़ाकर अब 10 मीटर चौड़ा किया जा रहा है। हाईवे के कुल हिस्से में से लगभग 13.5 किलोमीटर मार्ग पर मजबूत सीसी रोड (सीमेंट कंक्रीट) का निर्माण किया जाएगा। बाकी बचे 55 किलोमीटर हिस्से को आधुनिक डामर रोड से तैयार किया जाएगा।
आबादी वाले क्षेत्रों में दोनों तरफ नाले और बाबूगंज में बनेगा नया बाईपास
हाईवे के किनारे स्थित ग्रामीण बाजारों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए दोनों ओर पक्के नालों का निर्माण कराया जा रहा है। इसके साथ ही, बाबूगंज बाजार में वाहनों को भीषण जाम से बचाने के लिए एक नए बाईपास के निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
यह महत्वपूर्ण हाईवे प्रतापगढ़ की सदर तहसील के 18 गांवों से होकर गुजर रहा है। यह मार्ग अमेठी जनपद के मुसाफिरखाना, गौरीगंज और अमेठी तहसील को सीधे आपस में जोड़ता है। इस मार्ग के पूरी तरह चौड़ा हो जाने से दोनों जिलों के बीच व्यापारिक और सामाजिक कनेक्टिविटी काफी मजबूत हो जाएगी।
लखनऊ और वाराणसी जाने वाले यात्रियों को मिलेगी भारी जाम से बड़ी राहत
प्रोजेक्ट के तहत चिलबिला के पास चमरौरा नदी और ठेंगहा में एक और नए पुल का निर्माण कराया जा रहा है। इसके अलावा हाईवे पर तीन बाईपास और एक रेलवे फ्लाई ओवर भी बनाया जाएगा। मुसाफिरखाना में वाराणसी-लखनऊ हाईवे से जुड़ने के कारण अंतू और गड़वारा के लोगों को लखनऊ पहुंचने में काफी आसानी होगी।
सड़क निर्माण एजेंसी के अधिकारियों के अनुसार, लोकइयापुर, डंगरी, चौरा, बिहारगंज और लोहिया नगर जैसे प्रमुख बाजारों में सीसी रोड का काम प्राथमिकता पर किया जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि साल 2027 तक यह हाईवे पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा, जिसके बाद लोग इस पर फर्राटा भर सकेंगे।

