तुष्टीकरण की राजनीति कर रहे अखिलेश यादव, राम मंदिर विवाद पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का हमला

Lucknow News: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मंगलवार को राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सपा प्रमुख पर सीधे तौर पर तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति करने का बड़ा आरोप लगाया है।

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मदरसों के कदाचार पर सवाल उठाने का साहस नहीं: ब्रजेश पाठक

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि सपा और कांग्रेस जैसे विपक्षी दलों में मदरसों के भीतर कथित रूप से हो रहे कदाचार और अनियमिताओं पर सवाल उठाने का कोई साहस नहीं है। उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान राम मंदिर मामले में चल रही विशेष जांच दल (एसआईटी) की कड़ी कार्रवाई का भी जिक्र किया।

उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि राज्य सरकार इस पूरे मामले में किसी भी दोषी व्यक्ति को बिल्कुल नहीं बख्शेगी। उन्होंने बताया कि मामले की एसआईटी जांच तेजी से जारी है। कोई भी अपराधी बच न पाए और उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो, इसके लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

ब्रजेश पाठक ने राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से उठाए गए कड़े कदमों की जमकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट ने बहुत बड़ी कार्रवाई की है। इसके साथ ही उन्होंने दोहराया कि उत्तर प्रदेश सरकार सनातन संस्कृति की पताका को और अधिक ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह संकल्पित है।

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मस्जिदों और मदरसों के चंदे पर चुप्पी साधते हैं विपक्षी दल

विपक्षी दलों को आड़े हाथों लेते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सपा, कांग्रेस और अन्य दल केवल राम मंदिर के चढ़ावे पर ही सवाल उठा रहे हैं। लेकिन ये दल कभी भी बाबरी मस्जिद सहित अन्य मुस्लिम धार्मिक स्थलों, मस्जिदों या मदरसों के चंदे और वहां जारी कथित कदाचार पर मुंह नहीं खोलते।

ब्रजेश पाठक ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आज कई मदरसों की स्थिति ऐसी हो चुकी है कि वे कदाचार के मुख्य केंद्र बन गए हैं। इसके बावजूद विपक्षी दल वोट बैंक के लालच में इस गंभीर मुद्दे पर पूरी तरह खामोश रहते हैं, क्योंकि उन्हें केवल तुष्टीकरण की राजनीति करनी है।

डिप्टी सीएम ने अंत में साफ किया कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना वर्तमान सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इस मामले में राम मंदिर ट्रस्ट ने पहले ही प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिसके आधार पर कानून के मुताबिक निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

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