Agra News: ताजनगरी आगरा में मानसून की पहली मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर की रफ्तार को रोक दिया है। मंगलवार देर रात से शुरू हुआ झमाझम बारिश का सिलसिला बुधवार को भी लगातार जारी रहा। मौसम विभाग ने सुबह साढ़े आठ बजे तक रिकॉर्ड तिरेपन मिलीमीटर नॉनस्टॉप बारिश दर्ज की है।
इस जबरदस्त बरसात के कारण ताजनगरी के तमाम रिहायशी इलाकों और मुख्य बाजारों में भयंकर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। सुभाष बाजार में एक कपड़ा दुकान नाले में समा गई, जिसमें एक महिला अभी तक लापता है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग ने शुक्रवार तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार शुक्रवार तक बादलों का यह कड़ा मिजाज शहर में ऐसा ही बना रहने वाला है। अगले चौबीस घंटों के दौरान पचास मिलीमीटर या उससे अधिक पानी बरसने का अनुमान जताया गया है। इस दौरान आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और धूप निकलने के आसार न्यूनतम हैं।
इसके बाद आगामी ग्यारह जुलाई से मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। आसमान पूरी तरह साफ होने के साथ तेज धूप निकलेगी, जिससे लोगों को भयंकर गर्मी और उमस का सामना करना पड़ेगा। मौसम का यह उतार-चढ़ाव आगामी चौदह जुलाई तक लगातार जारी रहने की संभावना है।
मंगलवार की रात को गहरे काले बादलों ने पूरे शहर को घेर लिया था, जिसके बाद मूसलाधार बारिश शुरू हुई। लगातार पानी बरसने से नालियां और बड़े नाले पूरी तरह ओवरफ्लो होकर बैक मारने लगे हैं। हालांकि इस बारिश से लोगों को पिछले तीन दिनों की भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली है।
बारिश से दिन के तापमान में दर्ज हुई भारी गिरावट
बुधवार को हुई भारी बरसात के बाद दिन के पारे में करीब दस डिग्री की भारी गिरावट आई है। बुधवार को दिन का अधिकतम तापमान अट्ठाईस पॉइंट दो डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह रात का न्यूनतम तापमान भी सामान्य से कम होकर पच्चीस पॉइंट चार डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है।
मौसम केंद्र के अनुसार आगरा में इस जुलाई सीजन के दौरान अब तक लगभग अस्सी मिलीमीटर के आसपास कुल बारिश दर्ज की जा चुकी है। हालांकि वार्षिक औसत वर्षा का लक्ष्य हासिल करने के लिए अभी सितंबर महीने तक लगभग छह सौ पचास मिलीमीटर मूसलाधार बारिश की सख्त जरूरत होने वाली है।
मानसून की इस पहली जोरदार बारिश ने आगरा नगर निगम के नाला सफाई और जल निकासी के तमाम बड़े दावों की पूरी पोल खोल दी है। शहर की अधिकांश मुख्य सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो गईं हैं, जिससे वीआईपी मार्ग खेरिया मोड़, शमसाबाद मार्ग और जगनेर रोड पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
वीआईपी सड़कों और रिहायशी इलाकों में जलभराव से बढ़ी मुसीबत
खेरिया मोड़ मार्ग पर करीब दो फीट तक गंदा पानी जमा होने के कारण कई दुपहिया वाहन बीच सड़क पर ही बंद हो गए। शमसाबाद रोड पर जलभराव के चलते स्कूली बच्चों और राहगीरों को आवागमन में भारी असुविधा झेलनी पड़ी। पैदल चलने वाले लोग फुटपाथ छोड़कर बीच सड़क से गुजरने को मजबूर दिखे।
इस भारी बारिश के कारण शहर की नई बनी सड़कों की गुणवत्ता भी पूरी तरह उजागर हो गई है। सदर थाना क्षेत्र की इंफेंट्री लाइन पुलिस चौकी के सामने कुछ दिन पहले ही बनी चमचमाती सड़क की परतें पूरी तरह उखड़ गईं। सड़क का डामर बह जाने से हर तरफ कंक्रीट और गिट्टियां बिखर गई हैं।
इसके अलावा रकाबगंज थाने के ठीक सामने मुख्य सड़क के बीचों-बीच एक बहुत ही गहरा और खतरनाक गड्ढा हो गया है। इस गहरे गड्ढे के कारण वहां से गुजरने वाले वाहनों की रफ्तार थम गई है और कई राहगीर दुर्घटना का शिकार होकर चोटिल भी हो चुके हैं, जिससे स्थानीय लोग नाराज हैं।
शहर की बदहाल स्थिति को देखते हुए नगर निगम के तमाम जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी सुबह से ही प्रभावित इलाकों का दौरा करते नजर आए। अधिकारियों ने जलभराव की समस्या के त्वरित निस्तारण के लिए विभिन्न संवेदनशील जलमग्न क्षेत्रों का बारीकी से निरीक्षण किया और ड्रेनेज अमले को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
भगवान टॉकीज के पास चंद्र नगर और गोपाल कुंज में नवनिर्मित मेट्रो चेंबरों के भीतर भी भारी मात्रा में बारिश का पानी भर गया था। इसके साथ ही टेढ़ी बगिया, बिजलीघर, नराइच, राहुल नगर और शास्त्रीपुरम जैसे बड़े रिहायशी इलाकों में जलजमाव की गंभीर समस्या को दूर करने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम ने बताया कि बारिश के बाद नियंत्रण कक्ष में जलभराव की कई शिकायतें दर्ज की गई हैं। उन्होंने सभी प्रमुख पंपिंग स्टेशनों को पूरी क्षमता के साथ तुरंत चालू करने के सख्त आदेश दिए हैं, ताकि शहर की वीआईपी सड़कों से गंदे पानी की निकासी जल्द पूरी हो सके।

