Mumbai News: देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एलआईसी) के लिए ग्राहकों को लंबे समय तक जोड़े रखना एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। कंपनी के वित्तीय आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि पिछले कुछ वर्षों में उसका 5-ईयर पॉलिसी परसिस्टेंसी रेशियो लगातार कमजोर हुआ है।
पांच साल बाद आधे से भी कम ग्राहक रह गए सक्रिय
एलआईसी की इंडिविजुअल पॉलिसी की संख्या के आधार पर 61वें महीने की परसिस्टेंसी फाइनेंशियल ईयर 2022 में करीब 50 प्रतिशत थी। यह घटकर फाइनेंशियल ईयर 2026 में 46.88 प्रतिशत रह गई है। इसका सीधा मतलब यह है कि 100 ग्राहकों में से केवल 47 ग्राहक ही पांचवें साल तक अपनी पॉलिसी चला रहे हैं।
शुरुआती साल में बढ़ा भरोसा लेकिन लंबी अवधि में गिरावट जारी
इंडिविजुअल पॉलिसियों के लिए 13वें महीने का परसिस्टेंसी रेशियो फाइनेंशियल ईयर 2021 के 60 प्रतिशत से बढ़कर फाइनेंशियल ईयर 2026 में 64.87 प्रतिशत हो गया। पहले साल के बाद ज्यादा ग्राहक अपनी पॉलिसी बनाए रख रहे हैं, लेकिन पांच साल की अवधि पूरी होते-होते ग्राहकों को रोके रखना कंपनी के लिए मुश्किल साबित हो रहा है।
एलआईसी ने पॉलिसी लैप्स होने की समस्या पर जताई चिंता
एलआईसी ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा है कि वह पॉलिसी लैप्स यानी पॉलिसी बंद होने की समस्या को कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। कंपनी ग्राहकों से बेहतर संपर्क, लॉयल्टी प्रोग्राम्स और बीमा सुरक्षा के महत्व को लेकर जागरूकता अभियान चला रही है ताकि परसिस्टेंसी रेशियो में सुधार किया जा सके।
मैनेजिंग डायरेक्टर ने प्रोडक्ट मिक्स में बदलाव को बताया कारण
एलआईसी के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ आर दोरईस्वामी ने अर्निंग्स कॉल में बताया कि पांच साल की परसिस्टेंसी में कमी का मुख्य कारण प्रोडक्ट मिक्स में बदलाव भी है। उन्होंने कहा कि कंपनी ने ज्यादा प्रीमियम वाली पॉलिसियों पर ध्यान केंद्रित किया है, जिससे पुरानी और नई पॉलिसियों के आंकड़ों में यह अंतर दिख रहा है।
सक्रिय पॉलिसियों की संख्या घटी और नॉन-पार्टिसिपेटिंग प्लान्स पर फोकस
आंकड़ों के अनुसार फाइनेंशियल ईयर 2021 में करीब 28 करोड़ एक्टिव इंडिविजुअल पॉलिसियां थीं, जो फाइनेंशियल ईयर 2026 के अंत तक घटकर लगभग 25.4 करोड़ रह गईं। विशेषज्ञों का मानना है कि एलआईसी का नॉन-पार्टिसिपेटिंग प्रोडक्ट्स पर बढ़ता ध्यान भी कस्टमर रिटेंशन को प्रभावित कर रहा है, क्योंकि इसमें ग्राहकों को बोनस नहीं मिलता।

