Shimla News: हिमाचल प्रदेश के शिक्षा क्षेत्र को डिजिटल और आधुनिक बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने राज्य सचिवालय में समीक्षा बैठक के दौरान प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के आदेश जारी किए हैं।
सरकार अब स्कूलों के औचक निरीक्षण के लिए जम्मू-कश्मीर के सफल एडमिनिस्ट्रेटिव मॉडल को अपनाएगी। शिक्षा विभाग अब व्हाट्सएप और गूगल मीट के डिजिटल माध्यमों से ऑनलाइन स्कूल मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करेगा। शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को प्रवासी मजदूरों के स्कूल न जाने वाले बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के सख्त निर्देश दिए।
आपदा प्रभावित स्कूलों का पुनर्निर्माण और नई शिक्षक भर्तियां
समीक्षा बैठक में वर्ष 2023 और 2025 की प्राकृतिक आपदाओं से क्षतिग्रस्त हुए स्कूलों के रिपेयरिंग कार्यों की समीक्षा की गई। विभाग ने लोक निर्माण विभाग और हिमुडा को पुनर्निर्माण कार्यों के लिए अब तक 19 करोड़ रुपये जारी किए हैं। सरकार ने कुल 101 करोड़ रुपये के बजट को अपनी मंजूरी दी है।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि सीबीएसई से मान्यता प्राप्त सरकारी स्कूलों में 3468 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया तेजी से चल रही है। राज्य चयन आयोग हमीरपुर को 2668 पदों का मामला भेजा गया है। इसके अतिरिक्त 292 अंग्रेजी और 284 गणित के अध्यापकों ने स्कूलों में अपना कार्यभार संभाल लिया है।
स्मार्ट क्लासरूम के लिए नए कंप्यूटर और इंटरनेट कनेक्टिविटी
सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) योजना के तहत प्रदेश के 524 सरकारी स्कूलों में पुराने सिस्टम बदलकर नए कंप्यूटर लगाए जाएंगे। इसके अलावा 777 स्कूलों में हाई-स्पीड इंटरनेट नेटवर्क सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बीएसएनएल के साथ नेटवर्किंग टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
डॉ. वाईएस परमार विद्यार्थी ऋण योजना के तहत मेधावी छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए केवल एक प्रतिशत ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक का लोन दिया जा रहा है। सरकार मेधावी विद्यार्थियों को टैबलेट और लैपटॉप की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से सीधे बैंक खातों में भेजेगी।
