हापुड़ के सरकारी अस्पताल में आयुष्मान कार्ड बनवाने आई मां-बेटी का हंगामा, हंसने की बात पर लेडी स्टाफ को चप्पलों से पीटा

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जनपद में स्थित गढ़ रोड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में शुक्रवार को उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब आयुष्मान कार्ड बनवाने आई एक महिला और उसकी बेटी ने अस्पताल की ट्रेनी लेडी स्टाफ के साथ हिंसक मारपीट कर दी। मामूली कहासुनी से शुरू हुए इस विवाद ने देखते ही देखते बेहद उग्र रूप धारण कर लिया। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में करीब दो घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

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आयुष्मान कार्ड बनवाने आई महिला से कैसे शुरू हुआ विवाद

छावनी क्षेत्र की रहने वाली एक महिला अपनी बेटी और बहन के साथ इस सरकारी अस्पताल में पहुंची थी। महिला को केंद्र सरकार की बेहद लोकप्रिय योजना आयुष्मान भारत के तहत अपना आयुष्मान कार्ड बनवाना था, जबकि उसकी बहन अस्पताल में सामान्य दवा लेने आई थी। इलाज की प्रक्रिया पूरी होने के इंतजार के दौरान महिला अपनी बेटी के साथ परिसर में खड़ी थी। इसी समय वहां तैनात दो प्रशिक्षु कर्मचारी आपस में बातचीत करते हुए हंसने लगीं।

गलतफहमी के कारण अस्पताल परिसर बना अखाड़ा

महिला और उसकी बेटी ने यह समझ लिया कि दोनों लेडी स्टाफ उनका मजाक उड़ा रही हैं। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले तीखी बहस शुरू हुई और फिर कुछ ही मिनटों में बात हाथापाई तक पहुंच गई। गुस्साए तीमारदारों ने एक प्रशिक्षु कर्मचारी को पकड़ लिया और उस पर थप्पड़ और चप्पलों की बौछार कर दी। माहौल बिगड़ता देखकर वहां मौजूद अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को अपनी जान बचाने के लिए पीछे हटना पड़ा।

अस्पताल में बाधित हुईं सेवाएं, मरीजों को झेलनी पड़ी परेशानी

इस अचानक हुए हंगामे और शोर-शराबे के कारण अस्पताल में मौजूद अन्य मरीज और उनके परिजन भी मौके पर जमा हो गए। अस्पताल का सामान्य वातावरण पूरी तरह प्रभावित हो गया और वहां आए गंभीर मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। आक्रोशित मां-बेटी लगातार अस्पताल कर्मियों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग कर रही थीं, जबकि पीड़ित स्टाफ का कहना था कि वे आपस में ही सामान्य बात कर रही थीं।

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पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली, जांच में जुटी टीम

सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए। पुलिस प्रशासन ने मामले की तह तक जाने के लिए सीएचसी के अधीक्षक कक्ष और परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। शुरुआती जांच में लेडी स्टाफ आपस में हंसती हुई तो दिखीं, लेकिन उनकी तरफ से किसी भी तरह की अभद्र टिप्पणी या आपत्तिजनक व्यवहार करने का कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं मिला।

पुरानी रंजिश का दावा और सीएचसी अधीक्षक का बयान

विवाद के दौरान आरोपी महिला ने दावा किया कि कुछ दिन पहले एक रेस्तरां में भी इन्हीं कर्मचारियों ने उन पर कमेंट किया था। हालांकि इस दावे का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. कपिल गौतम ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह पूरा मामला केवल एक आपसी गलतफहमी का नतीजा लगता है। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी परिस्थिति में अस्पताल स्टाफ के साथ मारपीट की घटना को उचित नहीं ठहराया जा सकता है।

पीड़ित लेडी स्टाफ ने थाने में दी लिखित शिकायत

मारपीट का शिकार हुई प्रशिक्षु कर्मचारी ने पुलिस को आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के लिए लिखित तहरीर दी है। दूसरी ओर महिला और उसकी बेटी भी अस्पताल प्रशासन पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग कर रही हैं। स्थानीय पुलिस अधिकारियों के मुताबिक दोनों पक्षों की शिकायतों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर निष्पक्ष जांच की जा रही है और जल्द ही आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

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