मालदा के आमों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में बनाई खास पहचान, छह मीट्रिक टन फल का सफलतापूर्वक निर्यात

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Malda News: पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के आमों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी गुणवत्ता का लोहा मनवाया है। जिला प्रशासन ने कृषि विज्ञान केंद्र और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर बेहतरीन क्वालिटी के करीब छह मीट्रिक टन आमों का निर्यात किया है। यह उपलब्धि जिले की बागवानी के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।

अमृतरी से 1,500 किलोग्राम आम्रपाली आमों की खेप संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई भेजी गई है। इसके अलावा लखनभोग और अन्य प्रमुख किस्मों को इटली के मिलान और मिडिल ईस्ट के कई देशों में निर्यात किया गया। इस प्रयास से वैश्विक स्तर पर जिले की स्थिति काफी मजबूत हुई है और किसानों के लिए नए रास्ते खुले हैं।

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आमार मालदा पहल से मिली नई दिशा

जिला प्रशासन ने ‘आमार मालदा’ नाम से एक खास पहल शुरू की है। इसका मुख्य उद्देश्य आम से जुड़ी सभी गतिविधियों को एक मंच पर लाना है। यह कामयाबी सेंट्रल इंस्टीट्यूट फॉर सबट्रॉपिकल हॉर्टिकल्चर के सहयोग से शुरू की गई अच्छी कृषि पद्धति यानी जीएपी क्लस्टर के तहत हासिल हुई है, जिससे आमों की क्वालिटी अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनी है।

किसानों ने फलों की बैगिंग, कीट प्रबंधन और संतुलित पोषक तत्वों के इस्तेमाल जैसी वैज्ञानिक विधियां अपनाईं। इसके चलते मालदा के आम वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बन गए हैं। मालदा मैंगो मर्चेंट एसोसिएशन के प्रमुख उज्ज्वल साहा के अनुसार, वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के कारण किसानों की मेहनत रंग लाई है और विदेशों में इनकी भारी मांग बढ़ी है।

मालदा के जिलाधिकारी राजनवीर सिंह कपूर ने इस सफलता का श्रेय संस्थागत तालमेल और किसान केंद्रित नीतियों को दिया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन आगे भी ऐसी पहल को बढ़ावा देगा ताकि किसानों को बेहतर बाजार मिल सके। कृषि वैज्ञानिक डॉ. नायक ने बताया कि ट्रेनिंग और लगातार मार्गदर्शन से ही यह प्रीमियम क्वालिटी का उत्पाद तैयार करना संभव हो पाया है।

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