Delhi News: भारतीय सर्राफा बाजार से सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए बड़ी और राहत भरी खबर आई है। पिछले कुछ हफ्तों के भीतर कीमती धातुओं की कीमतों में ऐतिहासिक मंदी दर्ज की गई है। इस बड़ी गिरावट के बाद खुदरा बाजारों में जेवर खरीदने वालों की हलचल अचानक काफी बढ़ गई है।
बाजार के आंकड़ों के मुताबिक मई से जून के बीच 24 कैरेट शुद्ध सोना करीब 13,267 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हुआ है। इसके साथ ही चांदी की कीमतों में भी लगभग 45,809 रुपये प्रति किलोग्राम की बड़ी कमजोरी आई है। इस अप्रत्याशित बदलाव से जहां आम खरीदार खुश हैं, वहीं बड़े निवेशक काफी हैरान हैं।
प्रधानमंत्री की खास अपील से बदला निवेशकों का सेंटिमेंट
आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार इस बड़ी गिरावट के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक खास अपील और सरकार की सटीक रणनीति है। पीएम मोदी ने मिडिल ईस्ट के तनाव के बीच देशवासियों से विदेशी मुद्रा बचाने का आग्रह किया था। उन्होंने लोगों से एक साल तक गैर-जरूरी खर्चों और गोल्ड इंपोर्ट को टालने को कहा था।
भारत अपनी जरूरत का अधिकांश सोना विदेशों से आयात करता है, जिससे देश का काफी डॉलर बाहर चला जाता है। प्रधानमंत्री ने जनता से सोने को केवल एक ‘डेड इन्वेस्टमेंट’ न मानने की बात कही थी। उन्होंने घरेलू बचत को डिजिटल गोल्ड और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की तरफ मोड़ने की सलाह दी थी।
इंपोर्ट ड्यूटी में बदलाव और वैश्विक बाजारों का दबाव
प्रधानमंत्री की अपील के बाद निवेशकों के सेंटिमेंट में बड़ा बदलाव आया और बाजारों में हाजिर मांग घट गई। सिर्फ अपील ही नहीं, बल्कि सरकार के एक कड़े फैसले ने भी रेट नीचे लाने में बड़ी भूमिका निभाई। केंद्र सरकार ने सोने-चांदी पर प्रभावी आयात शुल्क को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर सीधे 15 प्रतिशत कर दिया था।
मई महीने में सोना लगभग 1,53,140 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्च स्तर पर था, जो अब घटकर करीब 1,39,873 रुपये पर आ गया है। इसी तरह चांदी जो मई में 2,62,350 रुपये प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर थी, वह अब टूटकर करीब 2,16,541 रुपये प्रति किलो रह गई है।
सर्राफा एक्सपर्ट्स का मानना है कि आगामी बजट में कस्टम ड्यूटी घटने की उम्मीद से बड़े व्यापारियों ने नई लिवाली रोक दी है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती के कारण वैश्विक स्तर पर भी मुनाफावसूली हावी है। यदि ग्लोबल हालात सामान्य रहे, तो फिलहाल कीमतों में किसी बड़े उछाल की संभावना नहीं है।

