Chandigarh News: हरियाणा सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग के अधीन कॉलेज कैडर (ग्रुप-बी) के कर्मचारियों के लिए नए सेवा नियम, 2026 अधिसूचित कर दिए हैं। इन नए नियमों के तहत अब सुपरिंटेंडेंट के पद पर कोई भी सीधी भर्ती नहीं की जाएगी। इस पद को केवल पदोन्नति, प्रतिनियुक्ति या स्थानांतरण के जरिए ही भरा जाएगा।
पदोन्नति और प्रतिनियुक्ति के लिए अनुभव के कड़े नियम लागू
नए नियमों के अनुसार, पदोन्नति के लिए कर्मचारी के पास डिप्टी सुपरिंटेंडेंट के रूप में कम से कम एक वर्ष का अनुभव या सहायक के रूप में 10 वर्ष का अनुभव होना अनिवार्य होगा। प्रतिनियुक्ति के लिए सुपरिंटेंडेंट के रूप में एक वर्ष का अनुभव और मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक होना जरूरी है।
इसके साथ ही उम्मीदवार के पास मैट्रिक स्तर पर हिंदी या संस्कृत अथवा उच्च शिक्षा में हिंदी विषय होना आवश्यक है। अधिसूचना के मुताबिक इस विशेष कैडर में फिलहाल सुपरिंटेंडेंट के कुल 10 पद स्वीकृत किए गए हैं। इन पदों के लिए पे लेवल-7 के तहत वेतनमान तय किया गया है।
पे लेवल-7 के तहत मिलेगा वेतन, वरिष्ठता कम मेरिट होगी आधार
इस कैडर के तहत नियुक्त होने वाले कर्मचारियों को 44,900 रुपये से लेकर 1,42,400 रुपये तक का मासिक वेतन मिलेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी पदोन्नतियां पूरी तरह से वरिष्ठता कम मेरिट के आधार पर की जाएंगी। अन्य माध्यम से नियुक्त कर्मचारियों के लिए एक वर्ष की परिवीक्षा (प्रोबेशन) अवधि तय की गई है।
यदि परिवीक्षा अवधि के दौरान कर्मचारी का कार्य और आचरण संतोषजनक नहीं पाया गया, तो उसकी सेवा समाप्त की जा सकती है या उसे पुराने पद पर वापस भेजा जा सकता है। विभाग आवश्यकता पड़ने पर इस प्रोबेशन अवधि को आगे बढ़ाने का अधिकार भी रखेगा।
वरिष्ठता निर्धारण के लिए सरकार ने तय किए नए मापदंड
कैडर में वरिष्ठता का निर्धारण लगातार दी गई सेवा अवधि के आधार पर तय होगा। यदि एक ही दिन अलग-अलग माध्यमों से नियुक्तियां होती हैं, तो सीधी भर्ती वाले पुराने कर्मी को पदोन्नति या स्थानांतरण से आए कर्मचारी से वरिष्ठ माना जाएगा। वहीं, पदोन्नति वाला कर्मी स्थानांतरण वाले से वरिष्ठ रहेगा।

