Chandigarh News: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के सभी किसानों के नलकूपों के पानी की गुणवत्ता की वैज्ञानिक जांच तुरंत शुरू की जाए। इससे किसानों को उनके खेत और पानी की स्थिति के अनुसार सही फसल और उन्नत कृषि तकनीक की सटीक सलाह मिल सकेगी।
मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल से ऑनलाइन मिलेगी रिपोर्ट
इस पूरी व्यवस्था को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की एक विशेष योजना बनाई गई है। इसके माध्यम से किसान अब घर बैठे ही अपने नलकूप के पानी की विस्तृत रिपोर्ट और जरूरी कृषि सलाह प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि नलकूप के पानी की यह जांच पूरी तरह मुफ्त होगी।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान यह घोषणा की। योजना के तहत किसान अपने पानी के सैंपल नजदीकी प्रयोगशालाओं में आसानी से जमा करा सकेंगे। इस पूरी प्रक्रिया को सीधे ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल से लिंक किया जाएगा।
गन्ना उत्पादक किसानों की बढ़ सकती है प्रोत्साहन राशि
इस डिजिटल लिंक के जरिए हर सैंपल की डिजिटल रिपोर्ट, रिकॉर्ड और कृषि वैज्ञानिकों की सलाह ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएगी। इससे किसानों को अपनी कृषि उपज बढ़ाने में सीधे तौर पर मदद मिलेगी और उनकी आय में सुधार होगा। बैठक में गन्ना किसानों को लेकर भी अहम चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गन्ने की अधिक पैदावार करने वाले प्रगतिशील किसानों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि को बढ़ाने पर विचार किया जाए। इस कदम का मुख्य उद्देश्य किसानों को खेती की नई और बेहतर वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
शुगरकेन हार्वेस्टर और टिश्यू कल्चर तकनीक पर विशेष जोर
किसानों की मेहनत और खेती की लागत को कम करने के लिए उन्हें आधुनिक ‘शुगरकेन हार्वेस्टर’ मशीनें उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम तेज करने को कहा गया है। इससे गन्ने की कटाई बहुत आसान हो जाएगी और किसानों के समय तथा खर्च दोनों की बड़ी बचत होगी।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रदेश में कृषि को आधुनिक बनाने के लिए ‘टिश्यू कल्चर’ तकनीक को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया। सरकार का मानना है कि इन आधुनिक कदमों से राज्य के किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव आएगा।

