भारत में सोशल मीडिया पर दो घंटे चिपके रह रहे हैं युवा, ऑनलाइन शॉपिंग में महिलाओं ने पुरुषों को पछाड़ा, देखें चौंकाने वाली रिपोर्ट

Delhi News: भारत में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल बहुत तेजी से बढ़ रहा है। इंटरनेट उपयोग को लेकर आई एक नई रिपोर्ट ने सबको हैरान कर दिया है। इसके मुताबिक अलग-अलग उम्र और जेंडर के लोगों की ऑनलाइन आदतों में अब एक बहुत बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है।

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शहरी इलाकों में रहने वाले 18 से 24 साल के युवा सोशल मीडिया ऐप्स पर सबसे ज्यादा वक्त बिता रहे हैं। दूसरी ओर ऑनलाइन शॉपिंग और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर महिलाओं की भागीदारी पुरुषों के मुकाबले बहुत आगे निकल चुकी है। महिलाएं अब डिजिटल बाजार की मुख्य ताकत बन गई हैं।

युवा रोजाना दो घंटे से ज्यादा समय सोशल मीडिया पर बिता रहे

प्रसिद्ध रिसर्च एजेंसी VTION और IAMAI की संयुक्त रिपोर्ट देश में इंटरनेट उपभोग के नए पैटर्न को उजागर करती है। आंकड़े बताते हैं कि शहरी भारत के 18-24 वर्ष आयु वर्ग के युवा प्रतिदिन औसतन 120 मिनट से अधिक समय सिर्फ सोशल मीडिया पर गंवा रहे हैं।

यह चौंकाने वाला आंकड़ा पूरी सोशल मीडिया कैटेगरी के सामान्य औसत 97.9 मिनट प्रतिदिन से काफी ज्यादा है। इस विश्लेषण से साफ है कि देश का युवा वर्ग सोशल नेटवर्किंग एप्लिकेशंस के साथ सबसे ज्यादा जुड़ा हुआ है। डिजिटल दुनिया में उनकी सक्रियता हर दिन बढ़ती जा रही है।

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मनोरंजन ऐप्स पर 35 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का दबदबा

जहां सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर युवाओं का पूरी तरह वर्चस्व है, वहीं मनोरंजन से जुड़े ऐप्स पर बिल्कुल उलट ट्रेंड दिखा। एंटरटेनमेंट प्लेटफॉर्म्स पर 35 वर्ष या उससे अधिक उम्र के मैच्योर इंटरनेट उपयोगकर्ता सबसे ज्यादा समय बिता रहे हैं। यह एक नया सामाजिक बदलाव है।

इस उम्र के लोग औसतन 77.2 मिनट प्रतिदिन वीडियो और अन्य एंटरटेनमेंट कंटेंट देखने में खर्च करते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक मनोरंजन सेक्टर में नए उपयोगकर्ताओं की संख्या अब स्थिर है। इसके बावजूद लोगों का ध्यान लंबे समय तक बनाए रखने में यह कैटेगरी सबसे सफल रही है।

ऑनलाइन शॉपिंग में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों से कहीं ज्यादा

इस ताजा डिजिटल सर्वे में जेंडर के आधार पर भी बेहद दिलचस्प आर्थिक रुझान सामने आए हैं। देश में 18 से 24 वर्ष की आयु वर्ग की महिलाएं ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर पुरुषों की तुलना में लगभग 47 प्रतिशत अधिक समय बिताती हैं।

इसका सीधा मतलब यह है कि ऑनलाइन खरीदारी और त्वरित होम डिलीवरी सेवाओं में महिलाओं की रुचि बहुत अधिक है। महानगरों में रहने वाली 25 से 34 वर्ष की कामकाजी महिलाओं में भी बिल्कुल ऐसा ही डिजिटल कंजम्पशन पैटर्न देखने को मिला है।

मेट्रो शहरों में इस उम्र की महिलाएं औसतन 35.2 मिनट प्रतिदिन ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स ऐप्स खंगालने में बिताती हैं। इसके मुकाबले पुरुषों का दैनिक औसत समय सिर्फ 24.8 मिनट दर्ज किया गया। यानी महिलाओं की सक्रिय भागीदारी यहां भी करीब 42 प्रतिशत अधिक है।

क्विक कॉमर्स और फैशन ऐप्स पर महिलाओं की मजबूत मौजूदगी

रिपोर्ट के ठोस आंकड़े बताते हैं कि देश के सबसे लोकप्रिय क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म Blinkit पर महिला उपयोगकर्ताओं की कुल हिस्सेदारी 57 प्रतिशत तक पहुंच गई है। वहीं दूसरी तरफ Meesho और Myntra जैसे बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर महिलाओं की भागीदारी क्रमशः 61 प्रतिशत और 54 प्रतिशत है।

ये आर्थिक आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि ऑनलाइन खरीदारी से जुड़ी जरूरी व्यावसायिक सेवाओं में महिलाओं की भूमिका सबसे मजबूत हो चुकी है। इंटरनेट कंपनियां भी अब महिलाओं को ध्यान में रखकर अपनी मार्केटिंग स्ट्रेटजी और नए डिस्काउंट ऑफर्स तैयार कर रही हैं।

मैसेजिंग, फाइनेंस और AI Apps भी तेजी से बढ़ रहे

सोशल मीडिया और मनोरंजन के अलावा सामान्य मैसेजिंग ऐप्स पर भारतीय लोग औसतन 58.6 मिनट प्रतिदिन खर्च कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ देश के डिजिटल बाजार में पर्सनल लोन और क्रेडिट से जुड़े फाइनेंशियल ऐप्स के मंथली एक्टिव यूजर्स में 30 प्रतिशत की भारी वृद्धि देखी गई है।

देश में सबसे तेज रफ्तार से बढ़ने वाली डिजिटल श्रेणी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित एप्लिकेशंस की रही है। पिछले कुछ समय में एआई आधारित ऐप्स के एक्टिव यूजर्स की संख्या में 100 प्रतिशत से भी अधिक की रिकॉर्ड ग्रोथ दर्ज की गई है।

इस व्यापक रिपोर्ट से साफ पता चलता है कि भारत का पूरा डिजिटल इकोसिस्टम बहुत तेजी से बदल रहा है। जहां युवा सोशल मीडिया को अपना कीमती समय दे रहे हैं, वहीं महिलाएं ई-कॉमर्स मार्केट की सबसे बड़ी और एक्टिव हब बनकर उभरी हैं।

Author: Mohit

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