Delhi News: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत सरकार ने खाड़ी देशों के समुद्री मार्गों पर भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए ‘सीफेयरर-फर्स्ट’ नामक एक विशेष पहल शुरू की है। इसके तहत फारस की खाड़ी और होर्मुज क्षेत्र में यात्रा कर रहे हर भारतीय नागरिक की रीयल-टाइम निगरानी की जाएगी।
भारतीय नाविक रोहन कुमार की मौत के बाद बड़ा कदम
हाल ही में यूएई के एक जहाज पर सवार भारतीय क्रू मेंबर रोहन कुमार की ईरानी मिसाइल हमले में मौत हो गई थी। इस दुखद घटना के बाद भारत सरकार ने ईरानी राजदूतों को तलब कर अपनी कड़ी नाराजगी जताई थी। इसके तुरंत बाद सरकार ने नाविकों की सुरक्षा के लिए यह बड़ा फैसला लिया है।
हर भारतीय क्रू मेंबर पर रखी जाएगी पैनी नजर
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य समुद्र में मौजूद सभी भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अब फारस की खाड़ी, होर्मुज और ओमान की खाड़ी में सफर कर रहे हर भारतीय क्रू मेंबर का पूरा डेटा दर्ज किया जाएगा, चाहे उनका जहाज किसी भी देश का हो।
नौवहन महानिदेशालय तैयार करेगा रीयल-टाइम लाइव डैशबोर्ड
केंद्रीय मंत्री ने नौवहन महानिदेशालय (DGS) को एक रीयल-टाइम लाइव डैशबोर्ड तैयार करने का निर्देश दिया है। इस डिजिटल सिस्टम के जरिए संवेदनशील समुद्री मार्गों से गुजर रहे हर जहाज पर मौजूद भारतीयों की सटीक जानकारी मिलेगी। इससे किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाना बेहद आसान हो जाएगा।
डैशबोर्ड पर दर्ज होगी जहाजों की सुरक्षा स्थिति
सरकारी प्रेस रिलीज के अनुसार इस लाइव डैशबोर्ड में जहाजों की सटीक स्थिति और मालिक की जानकारी उपलब्ध होगी। इसके अलावा जहाज पर मौजूद कार्गो, कुल क्रू मेंबर, खतरे का आकलन, रूट और उपलब्ध सुविधाओं का रिकॉर्ड भी रखा जाएगा। यह पहल पश्चिम एशिया में बढ़ते सुरक्षा संकट के बीच की गई है।

