Delhi News: दिल्ली में मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध और पारदर्शी बनाने के लिए मंगलवार से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरू हो रहा है। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इसके तहत 13 हजार से अधिक बूथ स्तरीय अधिकारी घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे।
राष्ट्रीय राजधानी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक यह महाअभियान 30 जून से शुरू होकर 29 जुलाई तक सक्रिय रूप से चलेगा। इस प्रक्रिया में दिल्ली के लगभग 1.45 करोड़ मौजूदा मतदाता शामिल होंगे। विभाग का मुख्य उद्देश्य हर एक योग्य नागरिक को इस सूची के भीतर जोड़ना है।
बीएलओ करेंगे घर-घर जाकर मतदाताओं का भौतिक सत्यापन
सत्यापन अभियान के दौरान अधिकारी हर एक मतदाता को दो प्रतियों में गणना फॉर्म सौंपेंगे। मतदाताओं को यह फॉर्म भरकर अधिकारी को वापस जमा करना होगा। इसके बाद उन्हें इसकी रसीद भी दी जाएगी। अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई अपात्र व्यक्ति इस सूची में शामिल न हो पाए।
यदि वेरिफिकेशन के दौरान किसी नागरिक का घर बंद मिलता है तो अधिकारी कम से कम तीन बार वहां जाने का प्रयास करेंगे। इसके बाद विभाग द्वारा आगामी 5 अगस्त को मतदाता सूची का पहला प्रारूप प्रकाशित किया जाएगा, जिस पर आम जनता अपनी राय दे सकेगी।
आपत्ति दर्ज कराने और अपील के लिए मिलेगी विशेष व्यवस्था
नागरिक 5 अगस्त से 4 सितंबर तक अपने दावे और आपत्तियां आधिकारिक तौर पर दर्ज करा सकेंगे। विभाग इन सभी मामलों का निपटारा 3 अक्टूबर तक पूरा कर लेगा। इसके बाद आगामी 7 अक्टूबर को दिल्ली की अंतिम और संशोधित मतदाता सूची पूरी तरह प्रकाशित की जाएगी।
पारदर्शिता के लिए चुनाव आयोग ने दो स्तरीय विशेष अपील व्यवस्था भी तैयार की है। यदि कोई नागरिक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी के फैसले से संतुष्ट नहीं होता है, तो वह जिला मजिस्ट्रेट के पास जा सकता है। वहां से भी राहत न मिलने पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास अपील होगी।
बेघर हुए लोगों के लिए चुनाव आयोग के नए नियम
राजधानी में डिमोलिशन के कारण बेघर हुए लोगों के संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्थिति साफ की है। जहां घर ढहाए जा चुके हैं, वहां पुराने पते पर नाम नहीं रहेगा। ऐसे प्रभावित लोग अपने नए पते के साथ फॉर्म 6 भरकर दोबारा आवेदन कर सकते हैं।
दिल्ली में इस समय कुल मतदाताओं की संख्या 1,45,10,298 है। इसमें 77,11,132 पुरुष और 67,98,142 महिला मतदाता शामिल हैं। इनके अलावा सूची में 1,024 थर्ड जेंडर, 76,155 दिव्यांग नागरिक और 18 से 19 वर्ष के 3,29,130 युवा वोटर भी अपना नाम दर्ज करा चुके हैं।

