Patna News: बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने सोमवार को बिहार लोक भवन में भूतपूर्व सैनिकों के प्रतिनिधियों के साथ एक बेहद महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक की। इस मुलाकात के दौरान पूर्व सैनिकों के हितों और उनके अधिकारों को लेकर कई बड़ी मांगें राज्यपाल के समक्ष प्रमुखता से रखी गईं।
प्रतिनिधियों ने बिहार सरकार की सरकारी नौकरियों में भूतपूर्व सैनिकों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने और देश की सेवा करने वाले अग्निवीरों को भी इसका पूरा लाभ देने की वकालत की। इसके साथ ही पूर्व सैनिकों के बच्चों को उच्च शिक्षण संस्थानों में 10 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग उठाई।
महामहिम राज्यपाल ने सभी प्रतिनिधियों की बातों को बेहद ध्यान से सुना और उनकी इन जायज मांगों पर जल्द ही समुचित विचार करने का पूरा आश्वासन दिया। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण और व्यावहारिक सुझाव भी इस बैठक में दिया।
राज्यपाल ने कहा कि भूतपूर्व सैनिकों के अलग-अलग छोटे संगठनों के स्थान पर एक संयुक्त और सशक्त संगठन बनाया जाना चाहिए। ऐसा करने से पूर्व सैनिकों की सामूहिक आवाज सरकार के सामने और अधिक प्रभावी ढंग से आ सकेगी और प्रशासनिक स्तर पर भी बेहतर ढंग से समन्वय हो सकेगा।
बिहार के स्कूलों और कॉलेजों के सिलेबस में शामिल होगा आपदा प्रबंधन
इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह और बिहार-झारखंड सब एरिया के डिप्टी जनरल ऑफिसर कमांडिंग ब्रिगेडियर अनिल बेदी मौजूद रहे। इनके अलावा सैनिक कल्याण निदेशालय के निदेशक ब्रिगेडियर मृगेन्द्र कुमार सहित थल, वायु और नौसेना के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
इसके बाद सोमवार को ही राज्यपाल ने बिहार अग्निशमन सेवा की गतिविधियों और राज्य में आपदा पूर्व तैयारियों की व्यवस्थाओं की एक और अहम समीक्षा बैठक की। इस अवसर पर राज्यपाल ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बेहद दूरदर्शी और बड़ा निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया।
राज्यपाल ने कहा कि आपदा प्रबंधन और आपदा जोखिम न्यूनीकरण को अब बिहार के सभी विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाना चाहिए। इससे छात्र-छात्राओं में प्रारंभिक स्तर से ही किसी भी आपदा से निपटने की जागरूकता और तैयारी विकसित होगी।
बैठक में आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य पीएन राय, अग्निशमन सेवा की महानिदेशक शोभा ओहतकर और असैनिक सुरक्षा महानिदेशक परेश सक्सेना भी मौजूद थे। राज्यपाल ने निर्देश दिया कि आपदा मित्रों को अग्निशमन सेवा द्वारा विशेष और आधुनिक प्रशिक्षण दिया जाए ताकि वे जमीनी स्तर पर राहत पहुंचा सकें।
Author: Amit Yadav

