Lucknow Aliganj Fire Accident: अलीगंज अग्निकांड में बिल्डिंग मालिकों सहित 4 गिरफ्तार, लापरवाही पर 4 बड़े अधिकारी भी सस्पेंड

- Advertisement -

Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार को एक व्यावसायिक इमारत में भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में झुलसने के कारण 15 लोगों की दुखद मौत हो गई। इस मामले में तत्परता दिखाते हुए पुलिस ने अब तक मुख्य बिल्डिंग मालिकों और कोचिंग संचालक सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस ने बताया कि इस घटना के सिलसिले में अलीगंज थाने में छह नामजद आरोपियों और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस प्रशासन इस मामले में बेहद गंभीरता से कानूनी कदम उठा रहा है। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।

- Advertisement -

लापरवाही बरतने पर इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा, 4 आरोपी गिरफ्तार

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह प्राथमिकी भारतीय न्याय संहिता की धारा 110 (गैर-इरादतन हत्या की कोशिश), 105 (गैर-इरादतन हत्या) और 125 (लापरवाही से किया गया काम जिससे जान को खतरा हो) के तहत दर्ज की गई है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश अग्निशमन एवं आपात सेवा अधिनियम के कड़े प्रावधानों को भी इसमें शामिल किया गया है।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अलीगंज निवासी राम कृष्ण उपाध्याय (43), सीतापुर मार्ग क्षेत्र के वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला (62), बालागंज के तुषार कृष्ण जायसवाल (31) और आईटी कंपनी के संचालक सुरेश साहू शामिल हैं। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि पकड़े गए आरोपी इस विवादित इमारत के संयुक्त रूप से मालिक हैं।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई, बिजली विभाग और एलडीए के 4 अधिकारी सस्पेंड

इस भीषण अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश पर प्रशासन ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। प्रारंभिक जांच में गंभीर लापरवाही के संकेत मिलने पर चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया। सरकार के इस कड़े रुख से संबंधित विभागों में हड़कंप मच गया है।

निलंबित अधिकारियों में बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता गौरव कुमार, इंदिरा नगर के फायर अधिकारी कमलेन्द्र कुमार सिंह शामिल हैं। इनके अलावा लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के सहायक अभियंता अनिल कुमार तथा जूनियर इंजीनियर प्रमोद पांडे को भी सस्पेंड किया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

आवासीय मंजूरी पर चल रहा था कमर्शियल काम, पुलिस जांच में जुटी

अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिक जांच और आरोपों के मुताबिक, इस बहुमंजिला इमारत को केवल रिहायशी इस्तेमाल के लिए मंजूरी मिली थी। इसके बावजूद सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर वाणिज्यिक कार्यों के लिए गैर-कानूनी तरीके से इसका धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा था, जिससे इतनी बड़ी दुर्घटना हुई।

अलीगंज के सहायक पुलिस आयुक्त शशि प्रकाश मिश्रा ने मीडिया को बताया कि सभी आरोपों की गहराई से जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि हादसे के लिए जिम्मेदार किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की टीमें बाकी बचे नामजद आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं।

- Advertisement -

बड़ी खबरें

Topics

Related Articles