हिमाचल प्रदेश में ई-बसों को बिना सफल ट्रायल नहीं मिलेगी मंजूरी, एचआरटीसी निदेशक मंडल की बैठक में हुआ बड़ा फैसला

Shimla News: हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के बेड़े में शामिल होने वाली नई ई-बसों को ट्रायल में कोई राहत नहीं मिलेगी। निगम प्रबंधन ने कंपनी की छूट संबंधी मांग को पूरी तरह खारिज कर दिया है। अब इन इलेक्ट्रिक बसों का दो अन्य रास्तों पर परीक्षण किया जाएगा।

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वीरवार को उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में एचआरटीसी निदेशक मंडल की आपात बैठक हुई। इस बैठक में सख्त फैसला लिया गया कि पूरी तरह पास होने के बाद ही बसें चलेंगी। बैठक में परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा और उपाध्यक्ष अजय वर्मा भी मौजूद रहे।

कंपनी की ट्रायल में छूट की मांग खारिज

निगम कुल 297 ई-बसें खरीद रहा है, जिसमें से 150 बसें हिमाचल पहुंच चुकी हैं। कंपनी ने दावा किया था कि बस एक बार चार्ज होने पर 180 किलोमीटर चलेगी। हालांकि, शिमला जिले के दो रूटों पर इन बसों का माइलेज काफी कम रिकॉर्ड किया गया था।

कंपनी ने खराब सड़क का तर्क देकर दो रूटों पर ट्रायल से छूट मांगी थी। निगम ने पहले लोक निर्माण विभाग से सड़क की जांच करवाई और रिपोर्ट बैठक में रखी। इसके बाद बोर्ड ने कंपनी की मांग ठुकराते हुए नए रूटों पर कड़ा ट्रायल लेने का फैसला किया।

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नौ अलग-अलग डिपो में भेजी गईं बसें

एचआरटीसी ने इन नई बसों को प्रदेश के 9 अलग-अलग डिपो में बांट दिया है। ऊना और हमीरपुर को 35-35 बसें मिली हैं। बिलासपुर को 20, नालागढ़ और नाहन को 15-15 बसें भेजी गई हैं। देहरा और पालमपुर को 10-10, जबकि धर्मशाला और तारादेवी को 5-5 बसें मिली हैं।

इसके साथ ही बैठक में बसों के टायर और लुब्रिकेंट की सप्लाई को भी मंजूरी दी गई। इस कार्य के लिए लगातार तीन बार टेंडर जारी किए गए थे। हर बार केवल एक ही कंपनी के आगे आने के कारण मामला फंसा हुआ था, जिसे अब बोर्ड ने मंजूरी दे दी है।

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